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युद्ध की आड़ में ‘काले खेल’ का भंडाफोड़; महराजगंज में पेट्रोल पंप बना जमाखोरी का अड्डा

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रिपोर्ट:गजेंद्र गुप्त। महराजगंज (निचलौल): एक ओर ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति की चिंता बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर जमाखोर इस संकट को ‘अवसर’ में बदलने से बाज नहीं आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद अंतर्गत निचलौल थाना क्षेत्र से कालाबाजारी का एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ प्रशासन के दावों को ठेंगा दिखाते हुए ईंधन की अवैध बिक्री का खेल धड़ल्ले से जारी है।

खोन्हौली: किसान सेवा केंद्र या कालाबाजारी का केंद्र?

स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निचलौल के खोन्हौली स्थित ‘किसान सेवा केंद्र’ के नाम से संचालित पेट्रोल पंप इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहाँ जमाखोरों ने प्रशासन की आँखों में धूल झोंकने के लिए एक नायाब लेकिन खतरनाक तरीका अपनाया है।

 कैसे होता है खेल?

पहले वाहनों में भारी मात्रा में पेट्रोल भरवाया जाता है।पंप से कुछ ही दूरी पर जाकर सुनसान जगह पर पाइप के जरिए वाहनों की टंकियों से ईंधन निकाला जाता है।इस ईंधन को स्टॉक कर खुले बाजार में ऊँचे और मनमाने दामों पर बेचा जा रहा है।

प्रशासन के प्रयास पड़ रहे फीके

हैरानी की बात यह है कि स्थानीय प्रशासन की लाख कोशिशों और छापेमारी के बावजूद, इन जमाखोरों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इसका मुख्य कारण जमाखोरों द्वारा अपनाए जा रहे नित-नये ‘जुगाड़’ और तरीके हैं। जब पेट्रोल पंपों पर निगरानी बढ़ती है, तो वे सीधे पंप से न बेचकर निजी वाहनों को जरिया बना रहे हैं, जिससे कानूनी कार्रवाई से बचना उनके लिए आसान हो जाता है।

 जनता पर दोहरी मार

ईंधन की इस कृत्रिम किल्लत और कालाबाजारी के कारण आम आदमी त्रस्त है। खेती-किसानी के सीजन में किसानों को पंपों पर घंटों इंतजार करना पड़ता है, जबकि जमाखोर अवैध तरीके से स्टॉक जमा कर मालामाल हो रहे हैं।

> बड़ा सवाल: क्या विभाग और स्थानीय पुलिस इस संगठित गिरोह से अनजान है? या फिर ‘किसान सेवा’ के नाम पर चल रहे इस खेल को किसी का मूक संरक्षण प्राप्त है?

सख्त कार्रवाई की दरकार

ईंधन की कालाबाजारी न केवल एक आर्थिक अपराध है, बल्कि खुले में ईंधन का भंडारण एक बड़ी अग्नि दुर्घटना को भी दावत दे रहा है। क्षेत्र की जनता ने सरकार और जिला प्रशासन से माँग की है कि ऐसे पेट्रोल पंपों की बारीकी से जाँच की जाए और संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर लाइसेंस निरस्त किए जाएं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।