विज्ञापन

    सरकारी अस्पताल भी अब स्मार्ट! UP के इस सरकारी अस्पताल में लगेगा AI-स्मार्ट बेड, मरीज की हालत बिगड़ने से 2 घंटे पहले डॉक्टर के फोन पर बज जाएगा अलार्म

    विज्ञापन

    Kanpur: गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़े हैलट अस्पताल में अब मरीजों की निगरानी अत्याधुनिक AI तकनीक के जरिए की जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने AI आधारित स्मार्ट बेड लगाने की तैयारी पूरी कर ली है, जो मरीज की हालत बिगड़ने से पहले ही संकेत दे सकेंगे। यह कदम उत्तर प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में तकनीकी बदलाव की दिशा में एक अहम शुरुआत माना जा रहा है।

    पहले चरण में लगाए जाएंगे 30 स्मार्ट बेड

    अस्पताल के प्राचार्य डॉ. संजय काला के अनुसार, दो नए वार्ड तैयार किए गए हैं जहां शुरुआत में 30 बेड्स को AI-स्मार्ट मैट्रेस से लैस किया जाएगा। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत विकसित ये तकनीक CSR फंड से लाई जा रही है। हर बेड की कीमत करीब 5 लाख रुपये है और इसमें लगे सेंसर बैलिस्टोकार्डियोग्राफी तकनीक के माध्यम से शरीर की सूक्ष्म गतिविधियों को रिकॉर्ड करते हैं।

    Also Read: यूपी स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप, डिप्टी CM ब्रजेश पाठक की बड़ी कार्रवाई, 17 चिकित्साधिकारी बर्खास्त

    हर पल होगी मरीज की निगरानी

    ये स्मार्ट बेड मरीज की हार्ट रेट, सांस की गति, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन लेवल जैसे महत्वपूर्ण संकेतों पर लगातार नजर रखते हैं। AI एल्गोरिदम इन आंकड़ों का विश्लेषण कर किसी भी असामान्य बदलाव की पहचान कर लेते हैं। यदि स्थिति गंभीर होने की आशंका होती है, तो डॉक्टरों और नर्सों को मोबाइल या टैबलेट पर तुरंत अलर्ट मिल जाता है।

    आपात स्थिति में मिलेगी समय रहते मदद

    अस्पतालों में ‘कोड ब्लू’ जैसी आपात स्थितियों में अक्सर देरी के कारण मरीज की जान बचाना मुश्किल हो जाता है। लेकिन इन स्मार्ट बेड्स की मदद से 1–2 घंटे पहले ही चेतावनी मिल सकती है, जिससे मेडिकल टीम समय रहते हस्तक्षेप कर सकेगी। इससे मरीजों की जान बचाने की संभावना पहले से अधिक बढ़ जाएगी।

    Also Read: UP: भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे कन्नौज CMO डॉ. स्वदेश गुप्ता, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए जांच के सख्त आदेश

    नर्सिंग स्टाफ को राहत और बेहतर इलाज

    इस तकनीक से नर्सिंग स्टाफ का कार्यभार भी कम होगा, क्योंकि लगातार मैन्युअल निगरानी की जरूरत घटेगी। साथ ही मरीजों को बेहतर और समय पर उपचार मिल सकेगा। भविष्य में इन वार्ड्स को और उन्नत बनाने की योजना है, जिससे सरकारी अस्पतालों में भी हाई-टेक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

    देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.

    विज्ञापन

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here