पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में कार्यस्थल पर महिलाओं के विरूद्ध लैगिंक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध, प्रतितोष) POSH अधिनियम के सम्बन्ध में आयोजित की गयी गोष्ठी

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श्रावस्ती। पुलिस अधीक्षक सुश्री प्राची सिंह के कुशल निर्देशन में क्षेत्राधिकारी नगर श्री अतुल कुमार चौबे की अध्यक्षता में POSH अधिनियम के सम्बन्ध में पुलिस कार्यालय सभागार में गोष्ठी का आयोजन किया गया ।
गोष्ठी के दौरान क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध, प्रतितोष) POSH अधिनियम के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा करते बताया गया कि इस अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं के लिये एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण बनाना है तथा उन्हे यौन उत्पीड़न के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करना है । POSH अधिनियम यौन उत्पीड़न को परिभाषित करता है, जिससें शारीरिक संपर्क और यौन अनुग्रह के लिये मांग या अनुरोध,अश्लील टिप्पणी करना, अश्लील चित्र दिखाना तथा किसी भी अन्य अवांछित शारीरिक, मौखिक या गैर मौखिक व्यवहार जैसे अवांछित कार्य शामिल है ।
इसी क्रम में बताया गया कि आप सभी लोग एक संगठन की भाँति कार्य करतें है, इसीलिए सामान्य संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुये अधिनियम के बारे में जानना जरूरी है । कोई भी सरकारी या निजी क्षेत्र के संगठन, सुविधा आदि को कार्यस्थल माना जाता है । कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न को एक अवांछित यौन गतिविधि के रूप में जाना जाता है, जो कि पुरूषों एवं महिलाओं दोनों को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है, इसीलिए आप सभी लोग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें । उत्पीड़न की शिकायत हेतु आन्तरिक शिकायत समिति व स्थानीय शिकायत समिति के बारे में भी बताया गया । इस समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ महिला होती है, जिन महिलाओं के साथ कार्यस्थल पर उत्पीड़न सम्बन्धी समस्या होती है , वह आन्तरिक शिकायत समिति को घटना के समय से 03 माह अधिकतम 06 माह के अन्दर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं । इस दौरान निरीक्षक प्रज्ञान , महिला थानाध्यक्ष श्रीमती अर्चना सिंह खन्ना, समस्त थानों/शाखाओं से उप निरीक्षक, महिला आरक्षी,आरक्षी सहित लगभग 100 अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहें ।