Election वॉर में राम मंदिर की एंट्री, भाजपा के X अकाउंट का बैकग्राउंड बदला

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BJP X Account Poster Change: भाजपा ने अपने X अकाउंट का बैकग्राउंड चेंज कर लिया है, जिसकी काफी चर्चा हो रही है। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों खास है नया पोस्टर?

BJP X Account Poster Changed With Theme Ram Mandir: एक ओर जहां 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं, वहीं अब इस वॉर में राम मंदिर की एंट्री हो गई है। क्योंकि भाजपा ने अपने X अकाउंट के बैकग्राउंड पोस्टर बदला है। राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख 22 जनवरी 2024 को पोस्टर बनाया गया है। इसमें अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की तस्वीर भी शामिल की गई है। भाजपा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगे नए बैकग्राउंड पोस्टर में ‘जय श्रीराम’ के नारे के साथ अयोध्या के राम मंदिर में होने वाले रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तारीख ’22 जनवरी 2024′ लिखी हुई है। इस नए बैकग्राउंड पोस्टर में अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की तस्वीर भी लगाई गई है और साथ ही हाथ जोड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नजर आ रहे हैं। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर JP नड्डा भी इस पोस्टर में नजर आ रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी करके रामलला की प्रतिष्ठा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रामलला के प्रतिष्ठापन समारोह के लिए वैदिक अनुष्ठान मुख्य समारोह से 7 दिन पहले 16 जनवरी 2024 से शुरू हो जाएंगे। वाराणसी के वैदिक पुजारी लक्ष्मी कांत दीक्षित 22 जनवरी 2024 को प्रतिष्ठान समारोह का मुख्य अनुष्ठान करेंगे। ज्योतिषियों और वैदिक पुजारियों से परामर्श के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 22 जनवरी को दोपहर 12 बजे से 12.45 बजे के बीच गर्भगृह में रामलला को विराजने का फैसला लिया। वैसे 22 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त मृगषिरा नक्षत्र में दोपहर 12:20 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामलला की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे। भवन निर्माण समिति, विश्व हिन्दू परिषद और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव समिति की बैठकें हो गई हैं, जिनमें समारोह के भव्य आयोजन को लेकर निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारियां भी सौंप दी गई हैं। CM योगी आदित्यनाथ खुद इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।

2 मूर्तियां स्थापित होंगी, यह होगा शुभ मुहूर्त

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यजमान के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे। 2 मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। इनमें एक स्थायी रूप से गर्भगृह में विराजमान रहेगी। दूसरी चलायमान होगी, जिसे विशेष अवसरों पर मंदिर से बाहर ले जाया जा सकेगा। अचल मूर्ति की कुल ऊंचाई 8.5 फीट होगी। बालक होने के बाद भी धनुष रामलला की पहचान है। मूर्ति में रामलला का धनुष, तीर व मुकुट अलग से बनाकर लगाया जाएगा। मूर्ति की ऊंचाई वैज्ञानिक के मत के आधार पर तय की गई है। हर रामनवमी पर रामलला के मुख पर सूर्य की किरणें पड़ सकें, इसको लेकर वैज्ञानिकों के सुझाव पर ही मूर्ति की कुल ऊंचाई 8.5 फीट तय की गई है, ताकि तकनीकी रूप से रामलला का सूर्य रश्मियों से अभिषेक हो सके। वहीं देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ‘टेंट सिटी’ का निर्माण भी कराया जा रहा है, जिसमें 80 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था होगी।