मां की गोद से गायब हुई बेटी की दूसरे दिन मिली लाश, आखिर यह कैसे मुमकिन है?

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जनपद–सिद्धार्थ नगर (यू.पी)
रिपोर्ट – सूरज गुप्ता
सिद्धार्थनगर। केवल २८ दिन पहले पैदा हुई खुश्बू नामक बच्ची अपनी मां उर्मिला की गोद से अचानक गायब हो गई और मां को पता तक न चला। पुलिस आई और नाकाम होकर चली गई। दूसरे दिन मां उर्मिला को ही उस बच्ची की लाश गांव से बाहर पोखरे में मिली। यह हैरत अंगेज कहानी कहानी सदर थाने के ग्राम जगदीशपुर ग्रांट के कंकाली डीह है। जरा सोचिए, वह अबोध बच्ची किसके षडयंत्र का शिकार हुई और यह कितना क्रूर अपराध है। सदर थाने की पुलिस इस रहस्यमय केस की जांच कर रही है। इस कांड को लेकर क्षेत्र में तरह तरह की कहानी बताई जा रही है।

क्या है घटना की पूरी कहानी
कंकाली डीह निवासी राम मिलन की 22 साल की बेटी कर नाम उर्मिला है। उसकी शादी तीन साल पहले खेसरहा थाना के महुई निवासी हरेन्द्र से हुई थी। उर्मिला काफी दिनों से मायके में रह रही थी। उसे गत गत 18 नवम्बर को एक बच्ची पैदा हुई थी। बच्ची का नाम खुश्बू रखा गया था। उर्मिला बताती है कि गत 16 दिसम्बर को को वह घर के बाहर अलाव ताप रही थी। इसी बीच उसे नींद की झपकी आ गई। थोड़ी बार नींद टूटी तो बेटी उसकी गोद में नहीं थी। इस रहस्मय घटना से गांव मे हंगामा मच गया। पलिस बुलाई गई। उसने दिन भर बच्ची की तलाश की और शाम को दुबारा आने की बात कह कर लौट गई।

दूसरे दिन मां को ही मिली लाश
दूसरे दिन सुबह पुलिस आने से पहले गांव वालों ने फिर खुश्बू की तलाश शुरू की। अचानक उसकी मां उर्मिला घर से सौ मीटर दूर पानी के गड्डे की ओर बढ़ी। थोड़ी देर बाद उसने चिल्लाना शुरू किया कि उसकी बच्ची खुश्बू की लाश गड्ढे में पड़ी है। इसके बाद तो गांव में हंगामा मच गया। लोग तरह तरह की कयासबाजियां करने लगे। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

एक नहीं कई सवाल उठ रहे
अब यहां सवाल है कि क्या एक मां को बैठे बैठे ऐसी झपकी आ जाये कि कोई उसकी बेटी को गोद से लकर चला जाये और उसे पता भी न चले। उठाने की बात इसलिए कि बच्ची खुश्बू मात्र 28 दिन पहले पैदा हुई थी। ऐसे में वह खुद तो चल ही नहीं सकती थी, जहिर है कि कोई उठा कर ले गया होगा, मगर यह कैसे मुमकिन है कि मां को पता तक न चले। क्या यह बात विश्वास करने लायक है? गांव में चर्चा है कि कुछ तो छिपाया जा रहा है। लाग सवाल उठा रहे हैं कि जिस खुश्बू की लाश उसके घर के करीब पुलिस वाले भी न पा सके, उसे खुद उर्मिला ने ही क्यों देखा? गांव में यह भी चर्चा है कि उसकी ससुराल में भी किसी से नहीं पटती थी। लाग बाग यह भी कह रहे हैं कि इन हालात में मुमकिन है कि यह कांड खुद उर्मिला ने हीकिया हो और पूरी घटना को एक कहानी बना कर बता रही हो। इसलिए इस घटना की जांच जरूरी है।

अपर एसपी ने कहा, जांच हो रही है
इस बारे में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया कि बच्ची के गुम होने पर पलिस मौके पर गई थी। मगर बच्ची नहीं मिली थी। सुबह गड्ढे में उसका शव पाया गया है। हालांकि उसके परिजनों ने कोई शिकायत पत्र नहीं दिया है फिर भी लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर पुलिस जांच कर रही है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का इंतजार है।

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