महाराजगंज पुलिस अधीक्षक के रीयलिटी चेक में भिटौली,घुघुली और सिंदुरिया थाने की पुलिस फेल

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रिपोर्ट:गजेन्द्र गुप्ता ,व्यूरो चीफ MNT न्यूज महराजगंज

महाराजगंज-:जनपद पुलिस की सक्रियता जांच करने के लिए पुलिस कप्तान सोमेंद्र मीना ने एक नई पहल की। इसके लिए उन्होंने पहले स्वयं ही कंट्रोल रूम से एक गाड़ी नंबर को संदिग्ध बताते हुए उसे पकड़ने का निर्देश सभी जगहों पर दे दिया इसके बाद स्वयं उसी गाड़ी में सवार होकर भ्रमण पर निकल पड़े। इस रियलिटी चेक में जहां भिटौली, घुघली और सिंदुरिया थाने की पुलिस फेल हो गई, तो वहीं कोतवाली, सिसवा और निचलौल में गाड़ी पकड़ ली गई। यही नहीं सिसवा चौकी प्रभारी राजेंद्र कुमार सिंह ने तो बुलेट से कार को दौड़ाकर पकड़ लिया लेकिन बाद में जब एसपी से सामना हुआ तो जांच की बात पता चली । दरअसल महराजगंज जिला मुख्यालय के कंट्रोल रूम से सूचना देने के बाद जैसे ही बताई गई संदिग्ध गाड़ी नगर के सक्सेना चौक तक पहुंची तो तुरंत नगर चौकी पुलिस सक्रिय दिखी और कार को रोक लिया। इसके बाद कार आगे बढ़ी तो भिटौली थाना क्षेत्र के शिकारपुर चौराहे पर पुलिसकर्मी खड़े तो थे लेकिन किसी ने गाड़ी को नहीं रोका। एसपी ने बिना कुछ बताए गाड़ी लेकर आगे बढ़े तो घुघली थाना और घुघली कस्बे की पुलिस भी कंट्रोल रूम के सूचना को लेकर निष्क्रिय एवं बेफिक्र दिखी। इसी तरह कार आगे बढ़ती गई और जैसे ही सिसवा कस्बे के स्टेट चौक पर गाड़ी पहुंची कि अचानक ही 15 से भी अधिक पुलिसकर्मियों ने गाड़ी को घेरकर रोक दिया। जिसके बाद कार में पीछे मास्क लगाकर बैठे एसपी सोमेंद्र मीना जब बाहर निकले तो सभी पुलिसकर्मियों को जांच की बात पता चली हालांकि एसपी ने यह बात अपने तक ही सीमित रखने का निर्देश देकर फिर आगे बढ़ गए। अभी गाड़ी सिसवा कस्बे से बाहर निचलौल की तरफ बढ़ी ही थी, कि तभी अपनी बुलेट से नगर भ्रमण से लौट रहे सिसवा चौकी प्रभारी राजेंद्र कुमार सिंह की नजर गाड़ी पर पड़ गई, जिसके बाद चौकी प्रभारी ने अपनी बाइक घुमाकर गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया करीब एक किमी दूरी पर जाकर कार को आगे से घेरकर रोक लिया। जिस पर कप्तान ने अपनी ड्यूटी पर सक्रिय उपनिरीक्षक राजेन्द्र कुमार सिंह के कार्य की सराहना की। इसके बाद निचलौल में दो स्थानों पर कार रोकी गई लेकिन अंत में सिंदुरिया थाने पर पुलिस की कोई सक्रियता नहीं दिखी। हालांकि पुलिस अधीक्षक ने गाड़ी को स्वयं ही मिठौरा चौकी पर खड़ी कर खुली छूट दी बावजूद इसके पुलिस निष्क्रिय पड़ी रहीं। पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने बताया कि समय समय पर इस प्रकार की जांच की जाती है। जिन पुलिसकर्मियों ने अपनी ड्यूटी के प्रति बेहतर सक्रियता दिखाई है, उन्हे प्रशस्ति पत्र देने के लिए नाम मांगे गए हैं तथा जहां पर लापरवाही हुई है, वहां सुधार के लिए चेतावनी दी गई है। पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने कई बार थाना दिवस में एक आम इंसान के रूप में फरियादी बनकर जांच करने गए हैं तो कई जगह भेष बदलकर पुलिस की सक्रियता की पड़ताल भी किए हैं। जिससे पुलिस सेवा बेहतर बनी रहे

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