मुझे खींचा, शर्ट के बटन खुल गए, मैने कहा मेरे पीरिएड्स चल रहे फिर भी वह….FIR में स्वाति मालीवाल ने लगाए संगीन इल्जाम

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Swati Maliwal assault Case: दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास पर राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ कथित पिटाई मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है. पुलिस को दी गई तहरीर में स्वाति मालिवाल ने अरविंद केजरीवाल के पीए विभव कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. एफआईर में स्वाति मालिवाल इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा है.

स्वाति मालिवाल ने पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में बताया कि मैं सीएम अरविंद केजरीवाल से मिलने गई उनके कैंप दफ्तर गईं थी. वहां जाने के बाद मुख्यमंत्री के पीएस बिभव कुमार को फोन किया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा. फिर मैंने उन्हें व्हाट्सएप पर एक मैसेज भेजा, जिसका कोई रिप्लाई नहीं आया. इसके बाद मैं घर के मेन गेट से भीतर गईं. बिभव कुमार वहां मौजूद नहीं थे, मैं घर के भीतर पहुंच गई और वहां मौजूद कर्मचारियों को सूचित किया कि वे मुख्यमंत्री से मिलने के बारे में बताएं. इस दौरान मुझे बताया गया कि वह घर में मौजूद हैं और मुझे ड्राइंगरूम में जाने को कहा गया.

मैं ड्राइंगरूम में मिलने का इंतज़ार करने लगी तभी एक स्टाफ ने आकर मुझे बताया कि मुख्यमंत्री मुझसे मिलने आ रहे हैं और इतना कहने के बाद ही सीएम के पीए बिभव कुमार कमरे में घुस आए. और बिना किसी बात के मुझपर चिल्लाने लगा इतना ही नहीं मुझे गालियां देना भी उसने शुरू कर दिया. उनके इस बर्ताव से मैं हैरान रह गईं.

मालीवाल ने बताया कि मैंने उससे कहा कि वह मुझसे इस तरह बात करना बंद करें और सीएम को फोन करें. उसने कहा- तू कैसे हमारी बात नहीं मानेगी? उसने मुझे थप्पड़ मारने शुरू कर दिये.

इस दौरान उसने मुझे करीब 7 से 8 थप्पड़ मारे, मैं खूब चिल्लाई, सदमें में थी, खुद को बचाने के लिए उसे धकेलने का प्रयास किया, लेकिन नहीं कर पाई. उसने मुझे तेजी से खींचा जिससे में शर्ट के बटन खुल गए और मैं नीचे तेजी से गिर गई इस दौरान में मेरा सिर सेंटर टेबल से टकरा गया. मैं मदद के लिए पुकारती रही लेकिन विभव कुमार नहीं माने और अपने पैरों से मेरी छाती, पेट और बॉडी के निचले हिस्से पर हमला किया.

स्वाति मालिवाल ने बताया कि मुझे पीरियड्स आ रहे थे. मैने कहा कि मुझे जाने दें क्योंकि मैं बहुत दर्द में हूं. लेकिन फिर भी उसने बार-बार पूरी ताकत से मुझपर हमला किया. इस दौरान मैने प्रयास किया कि किसी तरह से यहां निकल जाऊं और ड्राइंग रूम के सोफे पर जाकर बैठ गई. मुझपर हुए इस हमले से मैं सदमें की स्थिति में में आ गई. बिना कोई देरी किए मैंने 112 नंबर पर फोन किया और घटना की जानकारी पुलिस को दी. तभी विभव कुमार मेरे पास आया और धमकी देते हुए कहा कि तुझे जो भी कुछ करना है कर ले. हमारा कुछ कर नहीं पाएगी. तुझे ऐसी जगह गाड़ देंगे कि किसी को खबर भी नहीं लगेगी.