शाह, नड्डा और राजनाथ के मंत्रालय जान ही गए होंगे, पीएम मोदी ने खुद के पास कौन से मंत्रालय रखे ?

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सरकार के मंत्रियों को विभागों (मंत्रालयों) का आवंटन कर दिया है. इसमें प्रधानमंत्री के पास कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग और सभी महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दे और अन्य सभी विभाग जो किसी भी मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं.

सरकार के अन्य मंत्रियों की बात करें तो भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण एवं रसायन एवं उर्वरक, शिवराज सिंह चौहान को कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं. अश्विनी वैष्णव को रेलवे एवं इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के साथ-साथ सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनाया गया है.

मनोहर लाल खट्टर को आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के साथ ही ऊर्जा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी दी गई है. एचडी. कुमारस्वामी को स्टील और भारी उद्योग, पीयूष गोयल को वाणिज्य और उद्योग, धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा, जीतन राम मांझी को सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम, राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह को पंचायती राज, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी, सर्बानंद सोनोवाल को पत्तन, परिवहन और जलमार्ग, वीरेंद्र कुमार को सामाजिक न्याय और अधिकारिता, राममोहन नायडू को नागरिक उड्डयन, प्रल्हाद जोशी को उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, जुएल ओराम को आदिवासी मामले, गिरिराज सिंह को कपड़ा, ज्योतिरादित्य सिंधिया को संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है.

इसके अलावा भूपेंद्र यादव को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन, गजेंद्र सिंह शेखावत को संस्कृति और पर्यटन, अन्नपूर्णा देवी को महिला एवं बाल विकास, किरेन रिजिजू को संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामले, हरदीप सिंह पुरी को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, मनसुख मंडाविया को श्रम और रोजगार एवं युवा मामले और खेल, जी. किशन रेड्डी को कोयला और खान, चिराग पासवान को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और सीआर. पाटिल को जलशक्ति मंत्री बनाया गया है.