सांप ने काटा तो कराएं पोस्टमॉर्टम, मिलेगा चार लाख मुआवजा, यूपी सरकार का बड़ा फैसला

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Snakebite Compensation Plane: बारिश के दिनों में सांप काटने की घटनाएं ज्यादा सामने आती हैं. खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्र के खेत में दिन रात काम करने वाले किसान जहरीले सांपों का शिकार बन जाते हैं.

बारिश के दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष तौर पर सर्पदंश जैसी घटनाएं काफी बढ़ जाती है. इस दौरान समय पर टीका न मिलने की वजह से कई ऐसे लोग भी होते हैं जिनकी मृत्यु हो जाती है. इन घटनाओं की संवेदनशीलता को समझते हुए सरकार की तरफ से इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जा चुका है और इसी के तहत अगर जिस भी व्यक्ति की मृत्यु सर्पदंश से होती है. उसके परिवार को सरकार की तरफ से चार लाख रुपये मुआवजा के तौर पर दिया जाएगा.

अक्सर बारिश के दिनों में सांप काटने की घटनाएं ज्यादा सामने आती हैं. विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्र के खेत खलिहानों में दिन रात काम करने वाले किसान जहरीले सांपों का शिकार बन जाते हैं. इस दौरान अगर चपेट में आए व्यक्ति को सही समय पर टीका उपलब्ध हो जाता है तो उसकी जान बच जाती है, नहीं तो उसकी मृत्यु भी हो जाती है.

पोस्टमार्टम कराने पर मिलेगा चार लाख का मुआवजा

अगर इस स्थिति में परिवार की तरफ से मौत की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम कराया जाता है तो सर्पदंश से ही मृत्यु की पुष्टि होने पर परिवार को 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट सबसे पहले लेखपाल कानूनगों तहसीलदार को सौंपी जाएगी. जिसके बाद जनपद के जिलाधिकारी तक इस रिपोर्ट को पहुंचाया जाएगा और जिलाधिकारी की तरफ से परिवार से संपर्क करके आपदा राहत कोष से मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपये मुआवजा के तौर पर प्रदान किया जाएगा.

एंटी स्नेक वैक्सीन से बचेगी जान

सर्पदंश के बाद सबसे बड़ी चुनौती होती है कि कम समय में व्यक्ति को निकटतम चिकित्सा केंद्र पर पहुंचाया जाए, जहां पर एंटी स्नेक वेनम टीका उपलब्ध हो. हालांकि इस दौरान कई ऐसे परिवार भी हैं जो जागरूकता न होने की वजह से झाड़ फूंक करने लगते हैं, जिनेकी वजह से कई बार व्यक्ति की मृत्यु भी हो जाती है. इसलिए बारिश के दौरान बेहद चौकन्ना रहने के साथ-साथ सर्पदंश जैसे स्थिति में निकटतम चिकित्सा केंद्र पर जाकर चिकित्सा उपचार विधि ही अपनाना चाहिए

2023 में सीएचसी पर मौजूद एंटी स्नेक वेनम वैक्सीन

– विरांव कोट – 00

– गजोखर सीएचसी – 00

– सीएचसी चौकाघाट- 05

– सीएचसी दुर्गाकुंड – 05

– सीएचसी हाथी बाजार- 05

– सीएचसी अराजीलाइन- 10

– सीएचसी पुआरीकला – 10

– सीएचसी मिसिरपुर 05

– सीएचसी सारनाथ- 10

– सीएचसी चोलापुर – 24

– सीएचसी गंगापुर (पिंडरा) 05

– सीएचसी शिवपुर -05

– काशी विद्यापीठ 09

– सीएचसी नरपतपुर (चिरईगांव) 05

एसीएमओ डा. एसएस कन्नौजिया ने कहा कि 2023 में सांप काटने से सीएचसी-पीएचसी पर कोई मौत नहीं हुई है। पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम की वैक्सीन रखी हुई है।

सर्पदंश के बाद स्वजन झाड़-फूक कराने लगे थे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आराजीलाइन जख्खिनी के फार्मासिस्ट वेद प्रकाश ने बताया कि यहां पर 10 एंटी स्नेक वायल उपलब्ध है। यहां पर 28 जून को राजातालाब सांप डसने के दो मरीज आए थे। जिनका इलाज करने के बाद छोड़ दिया गया, अभी तक किसी की मौत नहीं हुई है।

सेवापुरी क्षेत्र में सर्प दंश से दो की मौत हुई थी। इसरवार (दादुपुर) कस्बे में 55 वर्षीय सुशीला देवी और कपसेठी में 20 वर्षीय विकास पटेल की मौत हुई थी। पिंडरा क्षेत्र के रामपुर-फूलपुर में 17 वर्षीय गोपी की मौत हुई थी।

ग्रामीण क्षेत्रों में सर्प दंश की घटनाएं अधिक होती है। मिर्जामुराद स्थित एडिशनल पीएचसी पर एंटी स्नेक वेनम की व्यवस्था नही हैं। मिर्जामुराद क्षेत्र में सर्पदंश से बीते वर्ष 2023 में दो मौत हुई हैं। 16 अगस्त 2023 को भीखीपुर (प्रतापपुर) में पांच वर्षीय मासूम आर्यन यादव और 21 अगस्त को शिवरामपुर में 70 वर्षीय शांति देवी की सर्पदंश से जान चली गई थी।

सर्प काटने की घटना होने पर क्षेत्र के लोग मीरजापुर जिले के कछवां बाजार स्थित क्रिश्चियन अस्पताल में जाते हैं। सारनाथ क्षेत्र में सर्पदंश से वर्ष 2023 में चार मौत हुई थी। जुलाई में मुस्तफाबाद के रविशंकर पुत्र कांता, अक्टूबर में मधुबाला पुत्री रामआसरे, दिसंबर में गौराकला की सुनीता और चुहरपुर के सुशीला की मौत हुई थी।

1413 वायरल की एक साल में हुई खपत

एक अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक समस्त केंद्रों पर भेजे 1413 एंटी स्नेक वेनम की वायल सीएचसी-पीएचसी और जिलास्तरीय चिकित्सालय में गई थी। इस साल भी सभी सीएचसी पर 25 और पीएचसी में 10 वायल 24 घंटे रखने का आदेश दिया गया है, लेकिन इसमें कुछ केंद्र दवाएं लाने में लगातार लापरवाही बरत रहे है।

बारिश का मौसम शुरू हो गया तो सर्प दंश की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। सांप खेती-किसानी करते समय और घर के आसपास झाड़-झंखाड़ से बाहर निकल घूम रहे है।

इस दौरान लोग सर्प की चपेट में आ जा रहे हैं जिससे उनकी मौत भी हो जा रही है। हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार सांप के काटने से मौत होने पर चार लाख रुपये का मुआवजा भी दे रही है।

इसके लिए स्वजन के पास पीड़ित की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट होनी जरूरी है उसी के आधार पर पीड़ित स्वजन को मदद मिलता है। ऐसे में घटा होते ही स्वजन को चाहिए कि वे शव का पोस्टमॉर्टम तत्काल कराएं।

सांप काटने को राष्ट्रीय आपदा में भी शामिल किया गया है। पिछले साल 10 लोगों की मौत हुई थी। वहीं इस साल अब तक चार मौत हो चुकी है। ऐसे कई बार लोग झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ कर न सिर्फ जान गवां रहे है बल्कि पोस्टमॉर्टम कराने से भी बच रहे हैं जबकि सर्पदंश से मौत पर मुआवजा भी दिया जाता है।