सिद्धार्थनगर: मुकम्मल रहेगी सांप के डसने में लगने वाले इंजेक्शन की सुविधा

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बारिश के बाद जहरीले जंतुओं के काटने का बढ़ेगा मामला

हर क्षेत्र में पानी होने और बाढ़ प्रभावित वाले क्षेत्र में सांप और जंगली जानवरों के काटने के बढ़ते हैं मामले

– सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन रहेगा मौजूद

– इमरजेंसी सेवा रहेगी हमेशा बहाल, जिससे मरीजों को ना हो दिक्कत

-बाढ़ की खतरे को देखते हुए दिया गया है निर्देश

सिद्धार्थनगर। लगातार बारिश के बाद जिले में बाढ़ की हालात की स्थिति बन रही है। भारी बारिश और बाढ़ में सांच और अन्य जहरीले जंतु बाहर आते हैं। जो लोगों को काट लेते हैं, जिससे जीवन पर खतरा बन जाता है। बाढ़ के दौरान होने वाली इन घटनाओं में तत्काल इलाज के लिए सीएचसी और पीएचसी पर एंटी स्नेक बाइट और एंटी रैबीज के इंजेक्शन पर्याप्त मात्र में रखने और इमरजेंसी सुविधाओं को अपडेट करने का कार्य किया जा रहा है। जिससे आपात स्थिति आने पर किसी प्रकार की दिक्कत न होने पाए।

जनपद नेपाल बाॅर्डर से सटा हुआ है। पिछले कई दिनों से बारिश का कहर जारी है। उधर नेपाल की ओर से पानी छोड़े जाने के बाद नदियों के जलस्तर में इजाफा हो रहा है। जिससे बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न होने वाला है। समय से पहले ही बाढ़ के खतरे में प्रशासन को अलर्ट कर दिया। क्योंकि हर साल बाढ़ को देखते हुए पहले से तैयारी शुरू कर दी जाती है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए जनपद के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुविधाएं मुकम्मल इंतजाम किया जा रहा हैं। इसमें बारिश के दौरान एंटी स्नेक बाइट और एंटी रैबीज के इंजेक्शन प्रर्याप्त मात्र में उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे बारिश में होने वाली घटना में नजदीकी सीएचसी और पीएचसी पर इलाज हो सके। इसके साथ ही बेड और इमरजेंसी की सुविधा अपडेट करने का निर्देश दिया गया है।

आंकड़ों के मुताबिक जिले के सीएचसी और पीएचसी पर एक हजार एंटी स्नेक बाइट और एक हजार से अधिक एंटी रैबीज इंजेक्शन मौजूद है। वहीं, स्टाक में 1126 एंटी स्नेक बाइट और 926 एंटी रैबीज इंजेक्शन रखा गया है। एक वायल में पांच लोगों का लगाया जाता है। इस संबंध में डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि बाढ़ को देखते हुए अस्पताल अपडेट हैं। स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है।