जन्म दिन विशेष: तरल संवेदना सरल रूप में प्रकट करने की कला के जादूगर दिपक नांगरे

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“ईश्वर त्वमच् सदा रक्षतु. पूण्य कर्मणा कीर्ति जीवनम् तव भवतु सार्थकर्म. इति सर्वदा मुदम् प्रार्थयम’’ ❤️🎊

– विनम्र, जिज्ञासु और विवेकशील, शालीन,संतुलित व सौम्य, सतत उत्साही, संवेदनशील व्यक्ति, कुशल सम्प्रेषक, ऊर्जावान और समर्पित सहयोगी.. “तरल संवेदना सरल रूप में प्रकट करने की कला के जादूगर श्री दिपक सर! को जन्मोत्सव की अनेकों शुभेच्छा /अभिनन्दन 🎉’’

ईश्वर आपके जीवन में प्रकाश का वितरण सतत रखे 🎂🌹💐

~ नई दिशाओं में सार्थक प्रगति करो, यही कामना है! 🙇🏻‍♂️❤️🎊💐🌹

🎊❤️ “किरदार हो ऐसा, कि फ़साना नहीं भूले…….

ज़िन्दा रहो ऐसे, कि ज़माना नहीं भूले……….

ज़िंदगी हर घड़ी, हर मोड़ पे इम्तिहान लेती है..

काम़याब हो ऐसे, कि लोग इतराना नहीं भूले!

जन्मदिन की अशेष शुभकामनाएँ ❤️ 

हनक बनी रहे, खनक बनी रहे 🥰🎂

🌃चाँद जैसा चमकता चेहरा हो

फ़ूलों से भी हसीं मुस्कान हो..!

खुशियों से भरा रहे जीवन *आपका और सूरज जैसी पहचान हो..!

आप यूँ ही कर्तव्यनिष्ठ व उर्जस्वित रहो! 🙇🏻‍♂️🌹💐🎊


जीतने की संकल्प शक्ति, सफल होने की दृढ़ इच्छा ये ऐसी कुंजियां हैं

जो व्यक्ति को निखारकर उसे सफलता के रास्ते पर ले जाती है.

कामयाब होना है तो पहाड़ पर चढ़ना पडेगा. पहाड़ चढ़ने वाला झुक कर पहाड़ चढ़ता है

और उतरने वाला अकड़ कर. इसलिए जो व्यक्ति झुक रहा है वो शिखर पर पहुंचेगा

वहीं अहंकार में रहने वाला तेजी से नीजे आएगा.

जब हम किसी स्थिति को बदलने में सक्षम नहीं हैं

तो हमें खुद को बदलने की चुनौती देनी चाहिए.

असफलता का मौसम सफलता का बीज बोने के लिए सबसे अच्छा समय है.

सफलता किसी भी उम्र में अच्छी है, लेकिन जितनी जल्दी आप इसे पा लेंगे

उतनी ही देर तक आप इसका आनंद ले पाएंगे.

अहंकार मनुष्य का बहुत बड़ा दुश्मन है जो सोने के

हार को भी मिट्टी का बना देता है.

यदि आप वही करते हैं जो आप हमेशा से करते आए हैं तो

आपको वही मिलेगा जो हमेशा से मिलता आया है.

दुसरो पर ज्यादा निर्भर ना रहें क्योंकि जब आप किसी की छाया में होते हैं

तो आपको अपनी परछाई नजर नहीं आती.

सब्र एक ऐसी सवारी है जो गिरने नहीं देती अपने

सवार को न किसी की नज़रों में न किसी के क़दमों में