PM मोदी के ‘शिव शक्ति’ नामकरण के बाद चर्चा में आया ‘जवाहर प्वाइंट’, बीजेपी-कांग्रेस में छिड़ी जंग

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Chandrayaan 3 Landing On Moon: एक तरफ देश ‘चंद्रयान 3’ की सेफ लैडिंग का जश्न मना है. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस और बीजेपी में उसके लैडिंग प्वॉइंट के नाम को लेकर जुबानी जंग छिड़ गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंद्रयान 3 के टच डाउन प्वॉइंट का नाम ‘शिव शक्ति प्वॉइंट’ (Shiv Shakti) रखा है. इसको लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर तंज कसा है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने इस नामकरण को हास्यास्पद बताया है. इस पर बीजेपी ने पलटवार किया है. बीजेपी का कहना है ‘तो फिर ‘जवाहर प्वॉइंट’ (Jawahar Point) के बारे में आपका क्या कहना है?’

दरअसल, मनमोहन सरकार में चंद्रयान-1 की इम्पैक्ट साइट को ‘जवाहर पॉइंट’ नाम दिया गया था. अब इस सरकार में जबकि चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग हुई है तो उस पॉइंट का भी नामकरण ‘शिवशक्ति पॉइंट’ किया गया और इसके साथ ही चंद्रयान-2 वाली साइट का भी नाम रखते हुए ‘तिरंगा पॉइंट’ किया गया. इसका मतलब यह हुआ कि ‘शिवशक्ति पॉइंट’ से पहले भी चांद पर भारत के दो पॉइंट मौजूद थे, जिनमें से एक का नामकरण पहले ही किया गया था. जबकि बाकी दो का नामकरण साथ में अब हुआ है. ‘शिवशक्ति पॉइंट’ नाम को लेकर जहां कांग्रेस ने आपत्ति जताई है तो वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए जवाहर पॉइंट के नामकर पर सवाल उठाया है.

शिवशक्ति पॉइंट’ पर कांग्रेस की आपत्ति!

इस बवाल की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि हम चांद या उस स्थान के मालिक नहीं हैं, जिसका नाम ‘शिवशक्ति पॉइंट’ रख दिया गया है. राशिद अल्वी ने कहा कि मोदी जी को यह अधिकार किसने दिया कि वो चांद की सतह का नाम रखें. इस नामकरण के बाद पूरा विश्व हम पर हंसेगा. चंद्रमा के उस जगह पर लैंडिंग हुई है यह बहुत अच्छी बात है और इस पर हमें गर्व है जिस पर किसी को शक नहीं होना चाहिए. लेकिन नामकरण करना ठीक नहीं है. राशिद अल्वी के इसी बयान पर भाजपा ने पलटवार किया है.

हिंदू विरोधी चरित्र दिखा रही है कांग्रेस: बीजेपी

राशिद अल्वी के उक्त बयान का बीजेपी ने तीखा जवाब दिया है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पलटवार करते हुए कहा कि “कांग्रेस केवल अपने हिंदू विरोधी चरित्र का खुलासा कर रही है. यह वही पार्टी है जो भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाती है. राम मंदिर का विरोध करती है और हिंदुओं को गाली देती है. दोनों नाम ‘शिव शक्ति प्वॉइंट’ और ‘तिरंगा प्वॉइंट’ देश से जुड़े हुए हैं.”

उन्होंने कहा कि आखिर राशिद अल्वी को यह हास्यास्पद क्यों लगता है. इसके बाद इनके नेता खुद को जनेऊधारी कहते हैं. वे केवल गांधी परिवार और जवाहरलाल नेहरू की प्रशंसा करेंगे. पूनावाला ने यह भी उल्लेख किया कि विक्रम लैंडर का नाम विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया था. पूनावाला ने आगे तंज कहा कि “अगर यूपीए की सरकार होती तो तो चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 शायद ही भेजा गया होता. अगर भेजा गया होता तो टच प्वॉइंट के नाम ‘इंदिरा प्वॉइंट’ और ‘राजीव प्वॉइंट होते.”

जानें ‘जवाहर प्वॉइंट’ के बारे में

‘जवाहर प्वॉइंट’ को पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाम से जाना जाता है. यह चंद्रमा के शेकलटन क्रेटर के पास का क्षेत्र है. यह वह स्थान है जहां इसरो का मून इम्पैक्ट प्रोब दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. उसे उसी रूप में डिजाइन किया गया था. यह महज संयोग था कि उस दिन 14 नवंबर जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन था. इसीलिए उस स्थल का नाम जवाहर प्वॉइंट रख दिया गया.

पीएम मोदी की घोषणा के बाद बढ़ा विवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने विदेश दौरे से लौटते वक्त सीधे बेंगलुरु गए थे. यहां उन्होंने चंद्रयान-3 की पूरी टीम और इसरो प्रमुख एस सोमनाथ से मिलकर उन्हें सफलता की बधाई दी. इसके बाद उन्होंने तीन घोषणाएं की थीं. पहली यहा कि जहां पर चंद्रयान 3 ने चांद की जमीन को टच किया था, उसका नाम ‘शिव शक्ति प्वॉइंट’ रखा. दूसरी- जहां पर चंद्रयान-2 ने टच डाउन किया था, उसका नाम ‘तिरंगा प्वॉइंट’ रखा. तीसरी यह कि 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाया जाएगा.