बस्ती: कांबिंग में जंगली जानवर के पद चिन्ह मिलने से दहशत, खून से लथपथ मिला था बुजुर्ग का शव

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गांव में जगह-जगह मिले जंगली जानवर के पद चिह्न

कांबिंग के दौरान मिले चिह्न की जांच करेंगे विशेषज्ञ

बुजुर्ग का शव मिलने पर जानवर के हमले में मौत की जताई गई थी आशंका

बस्ती जिले के गौर थाना क्षेत्र स्थित मेहनिया रामदत्त गांव के रहने वाले बुजुर्ग का शुक्रवार को खून से लथपथ शव मिला था। मामले में कांबिंग के दौरान मिले चिह्न की जांच विशेषज्ञ करेंगे। शव मिलने के बाद से ही लोगों ने किसी जानवर के हमले से मौत की आशंका जताई थी। ऐसे में जंगली जानवर को पकड़ने के लिए चार टीमें लगाई गई हैं।

गौर थाने के मेहनिया रामदत्त गांव निवासी एक बुजुर्ग का खून से लथपथ शव शुक्रवार को दिन में गांव से कुछ दूर खड़ंजा मार्ग पर मिलने के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लोगों का मानना है कि बुजुर्ग की मौत किसी जंगली जानवर के हमले में हुई है। यह जानवर तेंदुआ हो सकता है। हालांकि शव का पोस्टमार्टम न होने से इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है। वहीं शनिवार को वन विभाग की टीम को कांबिंग के दौरान कुछ जंगली जानवरों के पद चिह्न मिले हैं। इन्हें जांच के लिए विशेषज्ञों के पास भेजा जा रहा है।

यह है मामला

रामनगर रेंज की क्षेत्रीय वन अधिकारी सोनल वर्मा ने बताया कि जंगली जानवर को पकड़ने के लिए चार टीमें लगाई गई हैं। यह मेहदिया रामदत्त और आसपास के गांव में कांबिंग कर रही है। कांबिग के दौरान कई जगह जंगली जानवरों के पद चिन्ह पाए गए हैं। पद चिन्ह किसके हैं के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसे पद चिन्ह विशेषज्ञों के पास भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट हो सकेगा की पद चिन्ह किस जानवर के हैं।

शुक्रवार की रात भर कांबिंग चलती रही। ग्रामीणों को न तो किसी जंगली जानवर की आवाज सुनाई दी और न ही किसी ने उसे देखा है। वन विभाग की टीम उसे पकड़ने के लिए सतर्क है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जो पदचिह्न पाए गए हैं वह तेंदुआ के पद चिन्ह की तरह लगते हैं।

यह था पूरा मामला

गौर थाना क्षेत्र के मेहदिया राम दत्त गांव निवासी 60 वर्षीय मनौवर हुसैन पुत्र लाल मोहम्मद हुसैन शुक्रवार की दोपहर करीब 12.30 बजे पैदल ही छाता लेकर मेहदिया खड़्ग बहादुर शाही गांव स्थित मस्जिद में नमाज पढ़ने जा रहे थे। बाद में घर से लगभग सात सौ मीटर दूर खड़ंजे के किनारे उनका खून से लथपथ शव मिला। दिवंगत के चेहरे व गर्दन पर गंभीर चोट के निशान पाए गए थे।

अंदाजा लगाया गया कि किसी जंगली जानवर ने उसके गर्दन पर हमला कर उन्हें मार डाला। ग्रामीणों का कहना था कि कुछ दिन पूर्व टिनिच क्षेत्र के एक गांव के आसपास तेदुंआ दिखाई पड़ा था। ग्रामीण आशंका जता रहे हैं कि तेंदुए ने ही मनौवर पर हमला कर उन्हें मार डाला। पुलिस व वन विभाग के अधिकारी शव का पोस्टमार्टम कराना चाहते थे, मगर परिवार वाले इसके लिए राजी नहीं हुए। उन्होंने शुक्रवार की रात में ही गांव के कब्रिस्तान में शव को दफना दिया।