UP: पत्रकारों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी, मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए यूपी रोडवेज बसों में अब सीट होगी रिज़र्व

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  • रोडवेज बसों में अधिस्वीकृत पत्रकार, स्वतंत्रता सेनानी सहित ९ श्रेणियों को नि:शुल्क यात्रा का अधिकार
  • मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए यूपी रोडवेज बसों में अब सीट होगी रिज़र्व

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम’ (यूपी रोडवेज) अपनी बसों में यात्रा करने वाले मान्यता प्राप्त पत्रकारों का खास ख्याल रखेगा। इसके लिए परिवहन निगम मुख्यालय, लखनऊ की ओर से सर्कुलर भी जारी किया गया है।






उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में स्वतंत्रता सेनानी, लोक रक्षक सेनानी, राष्ट्रीय या राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक और मान्यता प्राप्त पत्रकारों को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है। इनके लिए बसों में सीटें भी आरक्षित रहती हैं। अभी तक इन्हें सफर के दौरान अपना पहचान पत्र दिखाना होता था। परिवहन निगम ने अब इनके लिए नए नियम बनाए हैं। रोडवेज बसों में फ्री यात्रा करने के लिए अब इन्हें स्मार्ट कार्ड दिखाना होगा। विभाग ने इनके लिए स्मार्ट कार्ड बनवाना अनिवार्य कर दिया हैै। स्मार्ट कार्ड के बगैर स्वतंत्रता सेनानी, लोक रक्षक सेनानी, राष्ट्रीय या राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक और मान्यता प्राप्त पत्रकार फ्री यात्रा नहीं कर सकेंगे। निगम के प्रबंध निदेशक पी. गुरु प्रसाद ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए कहा है कि फ्री यात्रा की सुविधा पाने वालों के नाम पर फर्जी लोगों के लाभ उठाने की शिकायतें लगातार मिलती रहती हैं। फर्जी लोगों पर अंकुश लगाने की मंशा से स्मार्ट कार्ड व्यवस्था लागू की गई है। सीतापुर डिपो के एआरएम विमल राजन ने बताया कि इस कार्ड के लिए 30 नवंबर तक ही आवेदन मान्य होंगे। निर्धारित तारीख से पहले आवेदन करने वालों का स्मार्ट कार्ड बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि आवेदन जमा करते समय नाम, पता, मोबाइल नंबर, मेल आईडी के साथ शैक्षिक दस्तावेजों की एक-एक छाया प्रति भी लगानी होगी। एआरएम ने रोडवेज बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा पाने वाले लोगों से कहा है कि असुविधा से बचने के लिए वह अपना स्मार्ट कार्ड बनवा लें। आवेदन के एक से डेढ़ माह बाद स्मार्ट कार्ड बनकर आता है। इसलिए 30 नवंबर से पहले आवेदन कर दें। इस व्यवस्था के लागू होने से यात्रियों को सुविधा के साथ ही विभाग को भी सहूलियत रहेगी। इस संबंध में किसी भी तरह की जानकारी बस स्टॉप पर एमएसटी काउंटर से ली जा सकती है।





आधारकार्ड के बिना मुफ्त सफर नहीं कर सकेंगे दिव्यांग

रोडवेज बसों में मुफ्त सफर करने के लिए दिव्यांगों को अब आधारकार्ड दिखाना होगा। एआरएम विमल राजन ने बताया कि अभी तक दिव्यांगों को निशक्तता प्रमाण पत्र दिखाने से नि:शुल्क यात्रा की सुविधा मिलती थी। इसमें फर्जी लोगों पर अंकुश लगाने के लिए विभाग ने आधारकार्ड भी अनिवार्य कर दिया है।






प्रदेश सरकार पत्रकारों के हितों के लिए वचनबद्ध है। सरकार द्वारा पत्रकारों के कल्याण के लिए निरंतर योजनाएं लागू की जा रही हैं। प्रदेशभर में स्थापित किए गए मीडिया सेंटर पत्रकारों के कार्य में मददगार साबित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर है। सरकार ने प्रदेश में 60 वर्ष से अधिक तथा पत्रकारिता में सक्रिय वरिष्ठ मीडिया कर्मियों के लिए दस हजार रुपये मासिक पेंशन देने की योजना प्रारंभ की है। इसी प्रकार से पत्रकारों के लिए दुर्घटना बीमा योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि मीडिया कर्मियों के लिए जल्दी ही स्वास्थ्य सेवा योजना शुरू की जाएगी। सरकार द्वारा असमय मृत्यु की स्थिति में पत्रकार के आश्रितों को उचित आर्थिक मदद दी जाती है। सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है अगर किसी पत्रकार के साथ कोई दुर्घटना हो जाये तो उनको आर्थिक सहायता दी जा सके। इसी प्रकार से सरकारी तौर पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को परिवहन विभाग की बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है। इसमें वातानुकूलित बसें भी शामिल है। यह यात्रा साल में चार हजार किलोमीटर तक की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के परिवारों को भी यात्रा सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। उन्होंने पेंशन योजना के तहत लाभार्थी पत्रकारों को बधाई दी।




उत्तर प्रदेश परिवहन निगम’ (यूपी रोडवेज) अपनी बसों में यात्रा करने वाले मान्यता प्राप्त पत्रकारों का खास ख्याल रखेगा। इसके लिए परिवहन निगम मुख्यालय, लखनऊ की ओर से एक सर्कुलर भी जारी किया गया है।

प्रधान प्रबंधक (संचालन) आशुतोष गौड़ के हस्ताक्षर से जारी इस सर्कुलर में कहा गया है, ‘यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन द्वारा संज्ञान में लाया गया है कि मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए आरक्षित सीट पर पहुंचने पर पहले से यात्री बैठे होने के कारण पत्रकारों को यात्रा में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।‘

11 मार्च 2022 को निगम के समस्त क्षेत्रीय प्रबंधक/सेवा प्रबंधक और समस्त सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (डिपो) के लिए जारी इस आदेश में कहा गया है,‘ उक्त समस्या के निराकरण के लिए आवश्यक है कि मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए आरक्षित सीट पर परिचालक द्वारा किसी यात्री को बिठाते समय यह स्पष्ट रूप से बताया जाए कि यह सीट मान्यता प्राप्त पत्रकार के लिए आरक्षित है और उनके आने पर सीट छोड़नी होगी।’

आदेश के अनुसार, इस आशय का संदेश परिचालक के पीछे की टू-सीटर सीट के ऊपर निम्नानुसार अंकित किया जाएगा, ‘मान्यता प्राप्त पत्रकार हेतु आरक्षित’।




गौरतलब है कि ‘यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन’ (यूपीडब्लूजेयू) अध्यक्ष टीबी सिंह के नेतृत्व में पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के प्रबंध निदेशक आरपी सिंह से मिला था और उन्हें ज्ञापन सौंपा था। यूपीडब्लूजेयू ने मान्यता प्राप्त पत्रकारों को प्रदेश की रोडवेज बसों में सीट मिलने में होने वाली परेशानियों के बारे में बताते हुए इस संबंध में जरूरी निर्देश जारी करने की मांग की थी।

यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन (UPWJU) की ओर से सरकारी बसों में यात्रा करने वाले राज्य व जिले के मान्यता प्राप्त पत्रकारों को सीट उपलब्ध कराने संबंधी मांग पर राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक ने आदेश जारी किया है।

शुक्रवार को जारी आदेश में निगम एमडी आरपी सिंह ने कहा है कि बसों में यात्रा करने वाले पत्रकारों को परिचालक सीट उपलब्ध कराएंगे। सीट खाली होने की दशा में यदि कोई सामान्य यात्री उस पर बैठता है तो पत्रकार के आने पर उसे खाली कराने की जिम्मेदारी परिचालक की होगी।

गौरतलब है कि इसी सप्ताह सोमवार को यूपीडब्लूजेयू अध्यक्ष टीबी सिंह के नेतृत्व में पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) प्रबंध निदेशक आर पी सिंह से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा था. यूपीडब्लूजेयू ने प्रदेश की सरकारी बसों में राज्य मुख्यालय व जिले के मान्यता प्राप्त पत्रकारों को सीट मिलने में होने वाली दिक्कतों के बारे में बताते हुए इस संबंध में जरूरी निर्देश जारी करने की मांग की थी।

अध्यक्ष टीबी सिंह ने कहा कि जनरथ सहित सभी सेवाओं की बसों में पत्रकारों को अपने लिए आरक्षित सीट हासिल करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने इस आशय का आदेश जारी करने के लिए परिवहन निगम एमडी को धन्यवाद दिया है।

UP Parivahan Nigam : यूपी परिवहन निगम रोजाना 11,000 से ज्यादा बसें चलाती है। इन बसों यात्रियों को किराए में कई तरह की छूट भी दी जाती है।

UP Parivahan Nigam : उत्तर प्रदश के 25 करोड़ लोगों के लिए जरूरी खबर है। दरअसल उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) यात्रियों की सुविधा के लिए राज्य में बड़े स्तर पर बसें चलाती है। एक आंकड़े मुताबिक यूपी राज्य परिवहन निगम के पास अपनी 8939 बसें और 2376 किराए की बसें हैं।

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यानी यूपी परिवहन निगम रोजाना 11,000 बसों का संचालन कर रही है। इन बसों में रोजाना 12 लाख लोग से ज्यादा को सफर करते हैं। इस दौरान बसें 33 लाख किलोमीटर की सफर तय करती है। बसों के संचालन में यूपी परिवहन निगम को रोजाना करीह सवा करोड़ रुपये की आय भी होती है।

यात्रियों की सहूलियत के लिए यूपी परिवहन निगम ने बसों खास वर्ग को छूट भी देती है। विशेष मौकों पर यूपी परिवहन निगम महिला, छात्र और अन्य विशेष वर्गों को फ्री में यात्रा की छूट भी देता है। इतना ही नहीं राज्य निगम की बसों में विशिष्ट नागरिकों फ्री में यात्रा की सुविधा देता है। इस खर्चे की पूर्ति राज्य सरकार करती है।

इसके साथ ही राज्य परिवहन निगम की बसों सांसद, विधायक, दिव्यांगजनों को भी बिना किराए के करने की छूट है। मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए भी साधारण बसों में मुख्यालय स्तर पर कुछ सीमाओं के साथ यात्रा किराए में छूट दी जाती है। राष्ट्रीय या फिर राज्य स्तर पर पुरस्कृत शिक्षक साधारण श्रेणी के बसों में सालान 4000 किमी की यात्रा फ्री में कर सकते हैं।।

(UPSRTC) राज्य में बच्चों और छात्रों को रियायती दर पर यात्रा की सुविधा देता है। 5 साल तक के बच्चों का टिकट नहीं लगता है। जबकि 5 से 12 वर्ष की आयु तक किराए हाफ यानी किराए 50 फीसदी की छूट दी जाती है। जबकि राज्य परिवहन में यात्रा के लिए छात्रों को मासिक पास की सुविधा दी जाती है।




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