कूटरचित दस्तावेज के आधार पर बनाया गया विकलांग प्रमाण पत्र।

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रिपोर्ट: रामबचन गुप्त।
महराजगंज।जनपद में सरकारी आवास का मामला रुकने का नाम नही ले रहा हैं जांच में कई ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी पर कार्यवाही भी हो रहा हैं इसके बावजूद नये-नये मामले निकलकर सामने आ रहे हैं।ताजा मामला विकास खण्ड सिसवा अंतर्गत मथनियाँ का हैं जहां एक व्यक्ति द्वारा कूटरचित और फर्जी दस्तावेज बनवाकर सरकारी भवन का लाभ लिया जा रहा हैं।मथनियाँ ग्राम निवासी उमाशंकर प्रसाद ने परियोजना निदेशक ग्राम विकास अभिकरण महराजगंज को शिकायती पत्र में कहा हैं कि सुधीराम पुत्र जोखू निवासी मथनियाँ द्वारा कुछ वर्ष पूर्व एक दुर्घटना दिखाकर कूटरचित दस्तावेज के आधार पर 50%विकलांग प्रमाण पत्र बनवा लिया हैं जो वर्तमान समय में शारिरिक रूप से पूर्णरूप से स्वस्थ हैं।जिसको वर्तमान ग्राम प्रधान द्वारा विकलांग प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी भवन का लाभ दिया जा रहा हैं।सुधीराम पुत्र जोखू को पूर्व में इंदिरा आवास का भी लाभ मिल चुका हैं तथा उसके पास पक्का मकान भी हैं इसके बावजूद सरकारी भवन के पात्र सूची में नाम डालकर एक बार फिर आवास का लाभ दिया जा रहा हैं।ग्राम सभा मे अन्य कई ऐसे विकलांग पात्र व्यक्ति है लेकिन उन्हें आवास नही दिया जा रहा हैं।ग्राम प्रधान द्वारा अपात्र को पात्र बनाने के लिए एक नये तरीके के अनुसार सुधीराम के पुराने मकान के कुछ हिस्से को तोड़वाया जा रहा हैं जिससे जांच में पात्र पाया जाय।शिकायत कर्ता उमाशंकर प्रसाद ने जांचकर कार्यवाही का मांग किया हैं।