बस्ती: वीडियो साक्ष्यों को बनाया गया तफ्तीश का आधार, दोनों आरोपी खुदकुशी के जिम्मेदार

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रुधौली सामूहिक दुष्कर्म कांड : अभियोजन अभिमत के लिए भेजा गया आरोप पत्र

विधिक पहलुओं की जांच के बाद न्यायालय में भेजी जाएगी चार्जशीट

बस्ती। रुधौली नगर पंचायत क्षेत्र के बहुचर्चित सामूहिक दुष्कर्म के बाद दंपती के खुदकुशी करने के मामले की तफ्तीश कर रहे विवेचक ने आरोपपत्र की जांच के लिए अभियोजन विभाग के पास भेज दिया है। मंजूरी प्राप्त होते ही आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया जाएगा। हालांकि, फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए केस से जुड़े किसी भी नमूने की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। विवेचक दिनेश कुमार चौधरी ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद अलग से पर्चा काटकर उसे आरोपपत्र में शामिल कर दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, 21 सितंबर को हुई घटना के संबंध में पुलिस ने तफ्तीश का आधार वादी की तहरीर और मृतक दंपती के मृत्यु से पहले के बनाए गए वीडियो क्लिप को बनाया है। साक्ष्य के तौर पर पुलिस ने मृतक दंपती का सात मिनट 13 सेकेंड के 12 वीडियो क्लिप मौजूद हैं। इसमें जहर खाने के लिए दोनों आरोपियों को जिम्मेदार बताया गया है। इस केस में कई विरोधाभाषी पहलू भी सामने आए, लेकिन पुलिस का तर्क है कि मृत्यु से पहले का वीडियो साक्ष्य के लिए पर्याप्त है।

हड़बड़ी या लापरवाही के चलते त्रुटिपूर्ण तफ्तीश करके न्यायालय में आरोपपत्र भेजने के तमाम मामले सामने आते रहे हैं। इस वजह से पुलिस की बाद में काफी किरकिरी होती थी। पर्याप्त साक्ष्य होने के बावजूद आरोपी लचर विवेचना और साक्ष्य संकलन में चूक का फायदा उठाकर खुद को निर्दाेष साबित कर ले जाता था। इसे देखते हुए 19 फरवरी 2018 को तत्कालीन डीजीपी ओपी सिंह ने संगीन मामलों का आरोपपत्र न्यायालय मे भेजने से पहले उसके संबंध में अभियोजन का अभिमत लेना अनिवार्य कर दिया था। इसमें तैयार किए गए आरोपपत्र को न्यायालय में दाखिल करने से पहले अभियोजन अधिकारियों की सलाह ली जाती है। अभियोजन अधिकारियों को अगर लगता है कि विवेचना में लापरवाही की गई है या साक्ष्यों को नजरअंदाज किया गया है तो उसे दोबारा विवेचक के पास भेज दिया जाता है।

यह है मामला

21 सितंबर की सुबह रुधौली कस्बे के एक दंपती ने अनाज में रखने वाला कीटनाशक खा लिया था। परिवार के लोग दोनों को सीएचसी ले गए। वहां से जिला अस्पताल रेफर होने के बाद इलाज के दौरान पति ने दम तोड़ दिया। पत्नी को डाॅक्टरों ने मेडिकल काॅलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। जहां तीसरे दिन उसने भी दम तोड़ दिया। उसकी मौत के बाद दो वीडियो सामने आए जिसमें दोनों ने मरने से पहले बताया है कि रविवार को त्रिलोकी ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। इससे आहत होकर दोनों जहर खाकर जान दे रहे हैं। इस वीडियो के आधार पर मृतक के भाई ने थाने में तहरीर देकर सामूहिक दुष्कर्म और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कराया है। पुलिस दोनों आरोपियों को गिरफ्तार जेल भिजवा चुकी है।

दबा रह गया जमीन की बिक्री में बिचौलियों का खेल
बेहद उलझे हुए इस केस में परिवार से छिपाकर कीमती जमीन को औनेपौने दाम पर बेचने का भी मामला उजागर हुआ था। बताया गया था कि 15-18 लाख रुपये की जमीन को बिचौलिए के झांसे में आकर मृतक ने पांच लाख रुपये में बेच दिया था। इस बात पर उसके परिवार में विवाद हुआ था। इस सौदे में बिचौलिया बने मुख्य आरोपी त्रिलोकी और मृतक के बीच इसी वजह से खटास होने की बात भी सामने आई थी। आरोपी के परिवार के लोग तो यहां तक आरोप लगाते रहे हैं कि उसी जमीन के कारण दंपती ने खुदकुशी की। मगर, पुलिस ने इस दिशा में तफ्तीश का रुख जानबूझकर नहीं मोड़ा। जानकार बताते हैं कि घटना और एफआईआर के हिसाब से मौत का जिम्मेदार वही दोनों पाए गए, इसलिए पुलिस ने जमीन के मसले को छूना मुनासिब नहीं समझा।
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