विधानसभा निर्वाचन 2023: पीठासीन अधिकारियों तथा मतदान अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

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पीठासीन अधिकारी तथा मतदान अधिकारी निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों को आत्मसात करें – कलेक्टर
ईव्हीएम संचालन एवं प्रपत्रों के संबंध में अपनी शंकाओं का करें समाधान
सीधी जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में 17 नवंबर को मतदान कराया जायेगा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी साकेत मालवीय के निर्देशन में मतदान कराने के लिए पीठासीन अधिकारियों तथा मतदान अधिकारियों का प्रशिक्षण 26 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक निर्धारित केंद्रों में आरंभ कर दिया गया है। उत्कृष्ट विद्यालय सीधी में आयोजित प्रशिक्षण का जिला निर्वाचन अधिकारी ने निरीक्षण किया तथा प्रशिक्षणार्थियों को आयोग के विशिष्ट प्रावधानों के विषय में अवगत कराया।

उन्होंने कहा कि सभी पीठासीन अधिकारी तथा मतदान अधिकारी प्रशिक्षण को गंभीरता से लें। जितना ध्यान से वह आयोग के निर्देशों को समझेंगे चुनाव उतनी ही आसानी से होगा। ईव्हीएम तथा व्हीव्हीपैट के संचालन में पूरी कुशलता प्राप्त करें इसके कनेक्शन आदि के संबंध में यदि किसी तरह की कठिनाई हो तो उसका समाधान कर लें। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया के प्रत्येक बिंदु के संबंध में आयोग द्वारा विस्तृत निर्देश जारी किए हैं, हमें उन्हीं नियमों को आत्मसात करते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित निर्वाचन सम्पन्न कराना है। प्रशिक्षण के संबंध में सभी तरह के संशयों का निराकरण करके चुनाव कार्य के लिए जाये। मतपत्र लेखा तैयार करने, मतदान केन्द्र की व्यवस्था, मॉक पोल, मतदान एजेंटों की नियुक्ति, वोटिंग मशीनों की सीलिंग तथा चुनाव सामग्री के संबंध में दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण का मूल्यांकन अवश्य करें।

प्रशिक्षण देते हुये मास्टर ट्रेनर ने बताया कि मतदान केन्द्र में मतदान के लिए गोपनीय कक्ष का निर्माण करें। इसमें प्रकाश तथा मतदान की गोपनियता बनाए रखने की उचित व्यवस्था करें। मतदान केन्द्र में दिव्यांग मतदाताओं की संख्या प्रदर्शित रहेगी। दिव्यांग मतदाताओं को मतदान की सुविधा देने के लिए व्हीलचेयर भी प्रत्येक मतदान केन्द्र में उपलब्ध रहेगी। मतदान के लिए आने वाले मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए मतदाता पर्ची का उपयोग करें। जिन मतदाताओं के पास में मतदाता पर्ची नहीं है, उन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अभिलेखों के अनुसार मतदाता की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उपयोग करें। उन्होने बताया कि मतदान दल सभी उम्मीदवारों के मतदान एजेंन्ट निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार नियुक्त करें। उन्हें क्रम अनुसार मतदान केन्द्र में बैठने की व्यवस्था करेंगे। मतदान एजेन्टो को मतदान से एक घण्टा पूर्व माकपोल के समय उपस्थित रहने की लिखित सूचना दें। माकपोल निर्धारित समय में मतदान एजेंटों की उपस्थिति में सम्पन्न करायें। माकपोल का परिणाम दिखाने के बाद मशीन को क्लियर करके निर्धारित समय पर वास्तविक मतदान आरंभ करायें। माकपोल के समय उपस्थित सभी मतदान एजेंटों के हस्तक्षर अनिवार्य रूप से करायें। मतदान समाप्त होने के बाद इव्हीएम की सिलिंग के समय भी मतदान एजेंटों के हस्ताक्षर करायें।

मतदान दलों को प्रशिक्षण देते हुए उन्हें मतदान केन्द्र में सुरक्षा व्यवस्था, दिव्यांग तथा बुजुर्ग मतदाताओं को बिना लाईन मतदान करने की सुविधा देने, मतपत्र लेखा तैयार करने, चुनाव की आदर्श आचरण संहिता का पालन करनें के संबंध में निर्देश दिये गए। पीठासीन अधिकारी तथा मतदान अधिकारी मतदान सामग्री प्राप्त करने के बाद उसका चेकलिस्ट के अनुसार मिलान कर लें। इसी तरह मतदान समाप्त होने के बाद इव्हीएम तथा अन्य मतदान सामग्री जमा करने के बाद ही उन्हें चुनाव ड्यूटी से मुक्त किया जायेगा।

इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत तथा प्रशिक्षण नोडल राहुल धोटे, रिटर्निंग ऑफिसर सीधी नीलेश शर्मा तथा मास्टर ट्रेनर्स द्वारा महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला गया।
रिपोर्ट – दिनेश शर्मा