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ट्रंप ने दिया ईरान की नाकेबंदी का आदेश, भारत का जिक्र क्यों किया?


इस्लामाबाद में पाकिस्तान के साथ फेल वार्ता के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की नौसैनिक घेरेबंदी का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बेहतरीन नेवी अमेरिकन नेवी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। उन्होंने ईरान पर होर्मुज के नाम पर जबरन वसूली का आरोप लगाया। यह भी कहा कि अमेरिका के नेता कभी इस तरह की जबरन वसूली के आगे नहीं झुकेंगे। ट्रंप ने यह भी ऐलान किया है कि अगर कोई जहाज ईरान को टोल देगा तो उस जहाज को अमेरिकन नेवी रोकेगी। हमने ऐसा करने का आदेश दिया है। अपने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट पर डोनाल्ड ट्रंप ने भारत का भी जिक्र किया।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘बात यह है कि मीटिंग अच्छी रही। अधिकांश मामलों पर सहमति बन गई। मगर सबसे अहम मुद्दे ‘न्यूक्लियर’ (परमाणु) पर कोई सहमति नहीं बनी। अमेरिकी नौसेना, जो दुनिया की सबसे बेहतरीन नौसेना है… तत्काल प्रभाव से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दाखिल होने वाले या उससे बाहर निकलने का प्रयास करने वाले किसी भी जहाज को ‘ब्लॉक’ (रोकने) करने की प्रक्रिया शुरू कर देगी।’

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ईरान कर रहा जबरन वसूली: ट्रंप

ट्रंप ने आगे कहा, ‘किसी वक्त हम इस आधार पर पहुंचेंगे कि सभी को अंदर जाने की अनुमति हो और सभी को बाहर आने की, लेकिन ईरान ने ऐसा होने नहीं दिया। उन्होंने बस यह कहकर मना कर दिया कि ‘हो सकता है कि वहां कहीं कोई ‘माइन’ (बारूदी सुरंग) बिछी हो’ जिसके बारे में उनके अलावा किसी और को पता नहीं है। यह पूरी दुनिया से की जा रही ‘जबरन वसूली’ (EXTORTION) है। देशों के नेता खासकर अमेरिका के नेता कभी इस तरह की जबरदस्ती के आगे नहीं झुकेंगे।’

अवैध टोल देने वालों पर एक्शन

ट्रंप ने बताया कि उन्होंने अपनी नेवी को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मौजूद हर उस जहाज को ढूंढ़ने और रोकने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जिसने ईरान को कोई ‘टोल’ (शुल्क) दिया हो। जो कोई भी इस तरह का अवैध टोल देगा, उसे खुले समुद्र में सुरक्षित रास्ता नहीं मिलेगा। हम उन ‘माइन्स’ (बारूदी सुरंगों) को भी नष्ट करना शुरू कर देंगे, जिन्हें ईरानियों ने जलडमरूमध्य में बिछाया है। कोई भी ईरानी, ​​जो हम पर या किसी भी शांतिपूर्ण जहाज पर गोली चलाएगा, उसे पूरी तरह से ‘तबाह’ कर दिया जाएगा!

जल्द शुरू होगी घेराबंदी

ट्रंप ने अपनी धमकी में कहा कि ईरान किसी भी अन्य देश की तुलना में यह बेहतर जानता है कि इस स्थिति को कैसे खत्म करना है। एक ऐसी स्थिति जिसने उनके देश को पहले ही तबाह कर दिया है। उनकी नेवी खत्म हो चुकी है, उनकी वायुसेना खत्म हो चुकी है, उनके एंटी एयरक्रॉफ्ट और रडार तबाह हो चुके हैं। खामेनेई और उनके अधिकाश नेता मारे जा चुके हैं। यह सब उनकी ‘परमाणु महत्वाकांक्षा’ के कारण हुआ है। यह ‘ब्लॉकेड’ (घेराबंदी) जल्द ही शुरू हो जाएगी। इसमें अन्य देश भी शामिल होंगे।

‘ईरान का बचा-खुचा हिस्सा भी खत्म कर देंगे’

ट्रंप ने यह भी चेताया कि ईरान को अवैध वसूली से कोई फायदा उठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्हें पैसा चाहिए और इससे भी अधिक अहम बात यह है कि उन्हें ‘परमाणु शक्ति’ चाहिए। इसके अतिरिक्त और एक उपयुक्त समय पर हम पूरी तरह से तैयार और मुस्तैद हैं। हमारी सेना ईरान का जो कुछ भी थोड़ा-बहुत बचा-खुचा हिस्सा है, उसे भी पूरी तरह से खत्म कर देगी।

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ईरान ने होर्मुज को खोलने का वादा किया था

ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का वादा किया था। मगर जान-बूझकर ऐसा नहीं किया। इससे दुनिया भर के कई लोगों और देशों में चिंता, अव्यवस्था और तकलीफ पैदा हुई। वे कहते हैं कि उन्होंने पानी में बारूदी सुरंगें बिछाई हैं, हालांकि उनकी पूरी नौसेना, अधिकांश बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाज, पूरी तरह से उड़ा दिए गए हैं। हो सकता है कि उन्होंने ऐसा किया हो, लेकिन कौन जहाज का मालिक ऐसा जोखिम उठाना चाहेगा? इससे ईरान की प्रतिष्ठा को बहुत बदनामी हुई और स्थायी नुकसान पहुंचा है।

भारत का भी किया जिक्र

ट्रंप ने ईरान के साथ हुई वार्ता का जिक्र किया और बताया कि मुझे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने इस्लामाबाद में हुई उस बैठक के बारे में पूरी जानकारी दी, जो पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सौम्य और अत्यंत सक्षम नेतृत्व में हुई। वे बहुत ही असाधारण व्यक्ति हैं। वे लगातार मुझे उन 3 से 5 करोड़ लोगों की जान बचाने के लिए धन्यवाद देते हैं, जो भारत के साथ होने वाले एक भयानक युद्ध में जा सकती थीं। मुझे यह सुनकर हमेशा अच्छा लगता है, जिस मानवीयता की बात यहां की गई है… वह अकल्पनीय है।

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