अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम चल रहा है। मगर शनिवार को इस्लामाबाद में हुई पहली प्रत्यक्ष बातचीत बेनतीजा रही। अमेरिका ने आरोप लगाया कि ईरान अपनी परमाणु हथियार हासिल करने की जिद से पीछे नहीं हट रहा है। इस कारण से वार्ता विफल हुई है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नौसेना को ईरान की नाकेबंदी का आदेश दिया तो दूसरी तरफ इजरायल की सेना भी युद्ध की तैयारी में जुट गई है।
वाईनेट न्यूज के मुताबिक आईडीएफ चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने सेना को हाई लेवल पर तैयारी करने और ईरान के साथ युद्ध के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। सेना की सभी यूनिट की सभी शाखाओं को हाई लेवल की तत्परता बरतने, प्रतिक्रिया समय को कम करने और ऑपरेशनल कमियों को तुरंत दूर करने का निर्देश दिया गया है। पिछले हफ्ते भी दक्षिणी लेबनान की यात्रा के वक्त जमीर ने अपने बयान में कहा था कि सेना किसी भी क्षण जरूरत पड़ने पर पूरी ताकत के साथ युद्ध में लौटने के लिए तैयार है।
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टारगेट लिस्ट को अपडेट कर रहा इजरायल
न्यूज वेबसाइट ने यह भी बताया कि इजरायल की सैन्य खुफिया निदेशालय ने ईरान में अपने टारगेट बैंक के निर्माण को गति दी है। इसके तहत मिसाइल सिस्टम, लॉन्चरों और सहायक बुनियादी ढांचे समेत सैन्य लक्ष्यों को शामिल किया गया है। इसका एक उद्देश्य है कि अगर इजरायल की सरकार आदेश देती है तो टारगेट पर त्वरित हमला करना आसान होगा।
कई मोर्चे की जंग की तैयारी
दूसरी तरफ यह भी खबर है कि इजरायली वायुसेना भी हमले और लक्ष्य की तैयारी में जुट गई है। तैयारी में पूर्वाभ्यास और एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करना व कई मोर्चों से हमले की तैयारी को शामिल किया गया है। दरअसल, पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच बेनतीजा रही बातचीत के बाद टकराव की संभावना काफी बढ़ गई है।
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इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी युद्धविराम के बाद अपने पहले संबोधन में कहा था कि ईरान के खिलाफ इजरायल का अभियान खत्म नहीं हुआ। यह सिर्फ एक अल्प विराम है। अपने लक्ष्यों को हासिल करने और किसी भी खतरे की स्थिति में इजरायल की जंग पर लौटने को तैयार है।












