श्रावस्ती जिले के लक्ष्मणपुर-सेमरहनिया मार्ग पर पोदिला और पोदिली गांवों के बीच 2014 की बाढ़ से कटी सड़क का निर्माण एक दशक बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। पांच स्थानों पर क्षतिग्रस्त यह मार्ग आज भी स्थानीय ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। वर्ष 2014 की बाढ़ के बाद प्रशासन ने आवागमन बहाल करने के लिए एक अस्थायी कच्चा रास्ता बनाया था। हालांकि, यह मार्ग बरसात के मौसम में कीचड़ में बदल जाता है। हल्की बारिश में भी राहगीरों को फिसलन और जलभराव का सामना करना पड़ता है, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है। बाढ़ आने पर इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। इससे स्कूली बच्चों की पढ़ाई, मरीजों की स्वास्थ्य सेवाएं और किसानों के कृषि कार्य सीधे तौर पर प्रभावित होते हैं। ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से संपर्क कट जाने के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों को आशंका है कि इस वर्ष भी बाढ़ आने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है। मनोज श्रीवास्तव, संदीप सिंह राजपूत, शिवकुमार, राजेश और कमलेश सहित दर्जनों ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात से पहले प्राथमिकता के आधार पर पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए ताकि उनकी समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
श्रावस्ती में 2014 की बाढ़ से कटा मार्ग:एक दशक बाद भी नहीं बनी पक्की सड़क, ग्रामीण परेशान
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