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पोप से ट्रंप की भिड़ंत के बाद विवाद गहराया, शेयर की दी खुद की जीसस वाली फोटो


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार रात कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो XIV के साथ अपना सार्वजनिक विवाद और बढ़ा दिया। ट्रंप ने पोप की राजनीतिक समझ पर सवाल उठाए और उन पर तीखा हमला बोला। इसके कुछ घंटों बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक AI से बनी तस्वीर पोस्ट की।

उस तस्वीर में ट्रंप को जीसस की तरह दिखाया गया है। वह लंबे वस्त्र पहने हुए एक बीमार व्यक्ति पर हाथ रखे हैं। उनकी उंगलियों से रोशनी निकल रही है और आसपास के लोग श्रद्धा से उन्हें देख रहे हैं। यह दृश्य बाइबिल की कहानी जैसा है जिसमें जीसस लाजरस को मौत से उठाते हैं। तस्वीर में अमेरिकी झंडे, सैन्य विमान, उड़ते हुए बाज और आसमान में देवदूत भी दिखाए गए थे। धार्मिक प्रतीकों को देशभक्ति के साथ मिलाकर बनाई गई यह तस्वीर काफी चर्चा में आ गई।

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कहा- पोप के फैन नहीं

ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए और सोशल मीडिया पर लिखा कि वह पोप के ‘फैन’ नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘पोप अच्छा काम नहीं कर रहे। वे बहुत उदारवादी (लिबरल) हैं और रेडिकल लेफ्ट के प्रति ज्यादा सहानुभूति रखते हैं।’ ट्रंप ने सलाह दी कि पोप को राजनीति छोड़कर सिर्फ आध्यात्मिक कामों पर ध्यान देना चाहिए, खासकर अमेरिका और विदेश नीति के मामलों में उन्हें दखल नहीं देना चाहिए।

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने AI से बनी धार्मिक तस्वीरें शेयर की हैं। मई 2025 में उन्होंने खुद को पोप के पूरे वस्त्रों में दिखाते हुए एक तस्वीर शेयर की थी। उस समय उन्होंने मजाक में कहा था कि वे ‘पोप बनना चाहेंगे’।

क्या था पोप का बयान

यह विवाद पोप लियो XIV के वीकेंड वाले बयान से शुरू हुआ। पोप ने वैश्विक संघर्षों, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को ‘सर्वशक्तिमान होने का भ्रम’ बताया था।

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ट्रंप ने जवाब में पोप को ‘अपराध पर कमजोर’ और ‘विदेश नीति में बहुत खराब’ बताया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे धार्मिक नेता नहीं चाहते जो विरोधियों को परमाणु हथियार बनाने का समर्थन करें। ट्रंप ने यह भी कहा कि पोप को उनकी अमेरिकी पृष्ठभूमि की वजह से चुना गया था और चर्च को चुनी हुई सरकार के राजनीतिक फैसलों में दखल नहीं देना चाहिए। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है और लोगों के बीच बहस छिड़ गई है।

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