HomeHealth & Fitnessनारी सशक्तिकरण की उड़ान:16,822 बेटियों को मिला कन्या सुमंगला का लाभ

नारी सशक्तिकरण की उड़ान:16,822 बेटियों को मिला कन्या सुमंगला का लाभ

रामपुर:जिले में आधी आबादी को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकारी योजनाएं मील का पत्थर साबित हो रही हैं।विभागीय आंकड़ों के अनुसार,अब तक जिले की 16,822 बेटियों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत लाभान्वित किया जा चुका है।वहीं,निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत कुल 56,251 महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा गया है।

सुमंगला योजना से संवर रहा बेटियों का भविष्य

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना जिले में बालिकाओं के लिए एक बड़ा वरदान साबित हो रही है।जिला प्रोबेशन अधिकारी ईरा आर्या के अनुसार,चालू वित्त वर्ष में इस योजना के प्रति लोगों का भारी उत्साह देखने को मिला है,जिसके तहत प्राप्त 429 नए आवेदनों में से 427 को तत्काल स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।पात्र बालिकाओं को शासनादेश के प्राविधानों के तहत छह विभिन्न श्रेणियों में कुल 25,000 रुपये की धनराशि प्रदान की जा रही है।आंकड़ों के अनुसार,सबसे ज्यादा लाभ बालिकाओं के जन्म और उनके टीकाकरण के समय दिया गया है।इस योजना के धरातल पर उतरने से न केवल बालिकाओं को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है,बल्कि इससे बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर भी लगाम लग रही है। पात्रों को ही योजना का शत-प्रतिशत लाभ मिले,इसके लिए उपजिलाधिकारी और खण्ड विकास अधिकारी स्तर से सत्यापन कराया जाता है।जांच के दौरान बच्चों की संख्या दो तक सीमित होने,आयु सीमा और शैक्षिक सत्र में प्रवेश जैसे मानकों को बारीकी से परखा जाता है ताकि कोई भी पात्र परिवार लाभ से वंचित न रहे।यदि सत्यापन उपरान्त शिकायत आती है तो विभागीय कर्मचारियों द्वारा स्थलीय जांच कर उसका तत्काल निस्तारण किया जाता है।

आर्थिक स्वावलंबन की राह पर महिलाएं

जिले की विधवा और निराश्रित महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए पेंशन योजना अत्यंत कारगर सिद्ध हुई है।वर्तमान में जिले की कुल 56,251 महिलाओं को इस योजना का निरंतर लाभ मिल रहा है।इस साल भी प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए 275 नई पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ा है।लाभार्थियों को प्रति माह 1,000 रुपये के हिसाब से त्रैमासिक आधार पर 3,000 रुपये की सम्मान राशि सीधे उनके खातों में भेजी जा रही है।इससे महिलाओं की आर्थिक निर्भरता पूरी तरह से कम हुई है और उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव आया है।पारदर्शिता को और अधिक मजबूत करने के लिए अब ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में आय प्रमाण पत्र अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है,जबकि पहले केवल घोषणा पत्र के माध्यम से ही लाभ मिल जाता था।

विवाह सहायता के लिए घर-घर पहुंच रही जागरूकता

निराश्रित महिलाओं की पुत्रियों के विवाह में आर्थिक अड़चन न आए,इसके लिए कन्या विवाह सहायता योजना के तहत 11,000 रुपये की राशि प्रदान करने का स्पष्ट प्रावधान है।योजना में यह अनिवार्य है कि बालिका निराश्रित महिला की पुत्री हो।संबंधित उपजिलाधिकारी और खण्ड विकास अधिकारी स्तर से पात्रता की जांच होने के उपरान्त तत्काल पारदर्शी तरीके से भुगतान की व्यवस्था की गई है।हालांकि इस वर्ष कार्यालय को इस योजना का कोई नया आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है,जिसे देखते हुए विभाग ने जागरूकता अभियान और तेज कर दिए हैं।जिले की सभी तहसीलों और विकास खंडों में विभागीय कर्मचारियों के माध्यम से विशेष कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को इस योजना के पहलुओं और शासनादेश में अपेक्षित दस्तावेजों की जानकारी दी जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र परिवार अपनी बेटियों की शादी के लिए यह महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त कर सकें।भविष्य में इन प्रक्रियाओं और पोर्टल में आवश्यक सुधार कर योजनाओं को और भी बेहतर व सुलभ बनाने की तैयारी है।

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