कौशाम्बी। जिले में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, कौशाम्बी के स्त्री रोग विभाग ने एक महत्वपूर्ण चिकित्सीय उपलब्धि हासिल करते हुए जटिल बार्थोलिन सिस्ट से पीड़ित 22 वर्षीय मरीज का सफलतापूर्वक इलाज किया है। इस सर्जरी के बाद मरीज को लंबे समय से हो रही असहनीय पीड़ा और असहजता से राहत मिली है।जानकारी के अनुसार, आशा देवी (22) को 26 अप्रैल 2026 को गंभीर स्थिति में मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में भर्ती कराया गया था। मरीज लंबे समय से बार्थोलिन सिस्ट की समस्या से जूझ रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानाचार्य के निर्देशन में विभागाध्यक्ष डॉ. विशाखा दीक्षित के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम गठित की गई।टीम में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाखा दीक्षित, डॉ. वर्षा केसरी, निश्चेतक डॉ. टी.बी. मौर्य, डॉ. अर्चना, सीनियर रेजीडेंट तथा ओटी स्टाफ शामिल रहे। सभी के समन्वित प्रयास से मरीज की सफल सर्जरी की गई।चिकित्सकों ने ‘बार्थोलिन सिस्ट एक्सीजन’ के बाद ‘मार्सुपियलाइजेशन’ तकनीक का प्रयोग किया। यह एक अत्यंत सूक्ष्म और प्रभावी सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसमें सिस्ट में छोटा चीरा लगाकर उसमें जमा द्रव को पूरी तरह निकाला जाता है। इसके बाद सिस्ट के किनारों को आसपास के ऊतकों से सावधानीपूर्वक जोड़कर स्थायी मार्ग बनाया जाता है, जिससे भविष्य में सिस्ट के दोबारा बनने की संभावना काफी कम हो जाती है प्रधानाचार्य ने इस सफलता पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की उन्नत चिकित्सा सेवाएं संस्थान की गुणवत्ता और प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।फिलहाल मरीज की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और चिकित्सकों के अनुसार उसे जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। अस्पताल प्रबंधन ने भविष्य में भी आधुनिक और प्रभावी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
कौशाम्बी मेडिकल कॉलेज में जटिल बार्थोलिन सिस्ट का सफल ऑपरेशन, 22 वर्षीय युवती को मिली स्थायी राहत
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