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बस्ती के एक निजी अस्पताल पर नवजात के इलाज में लापरवाही, अनावश्यक इलाज और लाखों रुपये की ठगी का गंभीर आरोप लगा है। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के गिदही खुर्द निवासी मुहम्मद इमरान ने बस्ती लाइफ लाइन हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. तारीक एहशान और अन्य के खिलाफ जिलाधिकारी व स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की है। इस मामले में पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष सचिन सिंह ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का बीड़ा उठाया है। प्रकरण की जांच सीआरओ स्तर पर की जा रही है। शिकायत के अनुसार, मुहम्मद इमरान की बहू तम्मना खातून की डिलीवरी 9 दिसंबर 2025 को जिगना स्थित एक निजी क्लीनिक में हुई थी। ऑपरेशन के बाद एक स्वस्थ बालक का जन्म हुआ था। आरोप है कि अगले दिन बीसीजी टीकाकरण के बहाने नवजात को बस्ती लाइफ लाइन हॉस्पिटल ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बिना अनुमति के बच्चे की विभिन्न जांचें की गईं और उसे भर्ती कर लिया गया। डॉक्टरों ने बच्चे के हृदय में छेद और कई अन्य गंभीर बीमारियां बताकर परिवार को डराया और लगातार पैसे जमा कराने का दबाव बनाया। शिकायत में कहा गया है कि लगभग 16 दिनों तक इलाज के नाम पर भारी रकम वसूली गई, लेकिन बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई। बाद में डॉक्टरों ने स्वयं परिजनों को बच्चे को किसी अन्य अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन बच्चे को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ले गए। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे के हृदय में किसी प्रकार की गंभीर समस्या होने से इनकार किया। लखनऊ में मिले इलाज के बाद बच्चे की हालत में सुधार हुआ। पीड़ित परिवार ने इस पूरे प्रकरण को मेडिकल रैकेट और आर्थिक शोषण करार दिया है। उन्होंने अस्पताल की जांच करने, उसका लाइसेंस निरस्त करने और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वहीं एक अन्य पीड़ित जय राम यादव ने बताया कि अस्पताल की लापरवाही के चलते उनके बेटे की मौत हो गई थी। लाइफ लाइन हॉस्पिटल के डॉ. तारीक एहशान ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा इलाज और जमा कराए गए धनराशि का पूरा रिकॉर्ड उनके पास उपलब्ध है। सीओ कीर्ति प्रकाश भारती ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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नवजात के इलाज में लापरवाही, ठगी का आरोप:बस्ती के लाइफ लाइन हॉस्पिटल के खिलाफ शिकायत, जांच शुरू
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