शिमला। हिमाचल प्रदेश के सोलन में कानून का कड़ा रुख देखने को मिला है। यहां की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) कनिका चावला की अदालत ने एक नाबालिग लड़की का अपहरण करने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अदालत ने दोषी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना, आईपीसी की धारा 363 के तहत पांच वर्ष का कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना, और धारा 366 के तहत भी पांच वर्ष का कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। ये तीनों सजाएं एक साथ चलेंगी। यदि दोषी जुर्माने की राशि अदा नहीं करता है, तो उसे दो साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया व्यक्ति आसिफ अंसारी, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरपुर जिले के रतनपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम फुलत का निवासी है। वह सोलन में पीड़िता का पड़ोसी था। मामले की जानकारी देते हुए लोक अभियोजक पृथ्वी सिंह नेगी ने बताया कि यह घटना वर्ष 2021 की है। उस समय पीड़िता नाबालिग थी और सोलन में अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रहती थी। आरोपी, जो पास के ही कमरे में रहता था, उसने पहले पीड़िता से जान-पहचान बढ़ाई और फिर शादी का झांसा देकर उसे चंडीगढ़ और सहारनपुर ले गया। वहां उसने पीड़िता के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। इस मामले की शिकायत महिला पुलिस थाना सोलन में दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता से जांच शुरू की। अभियोजन पक्ष ने अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखने के लिए कुल 11 गवाहों के बयान दर्ज कराए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आसिफ अंसारी को पॉक्सो अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया।
नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी बुरी तरह फंसा: 20 साल का कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माना
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