सिद्धार्थनगर के ढेबरुआ थाना क्षेत्र में 2015 में हुई हत्या और डकैती के एक मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद रफी ने मंगलवार, 31 मार्च को यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने तीनों दोषियों को 10-10 साल की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक दोषी पर 40-40 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह घटना 2015 में ढेबरुआ थाना क्षेत्र में दर्ज की गई थी। आरोपियों पर संगठित होकर डकैती करने और इस दौरान एक व्यक्ति की हत्या करने का आरोप था। पुलिस ने जांच के बाद सल्लू उर्फ सलीम (पुत्र नियामत), आमिर उर्फ सद्दाम (पुत्र नत्थु उर्फ बड़ा) और साबिर उर्फ अकरम (पुत्र दीन मोहम्मद उर्फ शौकत) को गिरफ्तार किया था। ये सभी थटिया टोला जैनपुर, ठठिया कन्नौज के निवासी हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में प्रस्तुत साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी पाया। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से जघन्य अपराध को अंजाम दिया, जिससे समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा होता है। इसलिए उन्हें कठोर सजा देना आवश्यक है। इस प्रकरण में पुलिस और अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की गई। जिला मॉनिटरिंग सेल के साथ-साथ अपर जिला शासकीय अधिवक्ता चंद्रप्रकाश पाण्डेय और न्यायालय पैरवीकार मुख्य आरक्षी अभिमन्यु (थाना ढेबरुआ) ने लगातार मजबूती से पक्ष रखा। उनके प्रयासों के चलते वर्षों पुराने इस मामले में न्याय मिल सका।
हत्या-डकैती मामले में 3 दोषियों को 10-10 साल की सजा:सिद्धार्थनगर में कोर्ट ने 40-40 हजार रुपए का लगाया जुर्माना
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