बढ़नी नगर क्षेत्र के उपभोक्ता इन दिनों युगकृष्णा गैस सर्विस की कथित अनियमितताओं और मनमानी से परेशान हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस वितरण प्रक्रिया में भारी अव्यवस्था के कारण उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। कई उपभोक्ताओं का डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) खारिज हो जाने पर गैस एजेंसी की ओर से मोहर लगी लिखित पर्ची दी जाती है। हालांकि, जब वितरण कर्मी गैस सिलेंडर लेकर पहुंचते हैं तो वे उसी मोहर लगी पर्ची को फर्जी बताते हुए गैस देने से इनकार कर देते हैं। इससे उपभोक्ताओं को बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि एजेंसी स्वयं मोहर लगाकर दस्तावेज जारी कर रही है, तो वितरण कर्मियों द्वारा उसे अमान्य बताना कई सवाल खड़े करता है। लोगों ने आशंका जताई है कि कहीं यह उपभोक्ताओं को परेशान करने या गैस वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता का हिस्सा तो नहीं है। क्षेत्रवासियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गैस जैसी आवश्यक सेवा के लिए उपभोक्ताओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना उचित नहीं है। लोगों ने मांग की है कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जाए तथा मोहर लगे दस्तावेजों को फर्जी बताकर वितरण से इनकार करने वाले जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
DAC खारिज, मोहर भी बेअसर!:बढ़नी में सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं को काटने पड़ रहे चक्कर
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