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राज्य में राजनीतिक बदलाव के बाद संतोषपुर स्टेशन पर बुलडोजर से तोड़ी गईं ‘अवैध’ दुकानें

कोलकाता । राज्य में राजनीतिक बदलाव के बाद विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर हॉकर्स हटाने और रेलवे की जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में सोमवार रात दक्षिण 24 परगना जिले के संतोषपुर रेलवे स्टेशन पर बड़े पैमाने पर हॉकर्स हटाने का अभियान चलाया गया। जीआरपी की मौजूदगी में स्टेशन परिसर में बने अस्थायी और कथित अवैध दुकानों को बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया गया।

रेल प्रशासन का दावा है कि स्टेशन से सटी रेलवे की जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जा कर कई दुकानें बना ली गई थीं। इन्हीं अतिक्रमणों को हटाने के लिए सोमवार रात करीब 10 बजे अभियान शुरू किया गया, जो देर रात तक चलता रहा। अभियान के दौरान रेलवे पुलिस और राज्य पुलिस की भारी संख्या में तैनाती की गई थी।

किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए पूरे स्टेशन परिसर को सुरक्षा घेरे में रखा गया। कार्रवाई शुरू होने से पहले दुकानों की बिजली आपूर्ति काट दी गई। इसके बाद बुलडोजर और अन्य मशीनों की मदद से एक-एक कर सभी अवैध ढांचों को ध्वस्त किया गया। स्टेशन के बाहर ही नहीं, प्लेटफॉर्म पर मौजूद अवैध दुकानों और संरचनाओं को भी हटाया गया।

रेल प्रशासन ने कहा कि स्टेशन परिसर को अतिक्रमण मुक्त कर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया है। संतोषपुर स्टेशन पर हुई इस कार्रवाई को लेकर इलाके में व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में राज्य के अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले सियालदह, दमदम, बेलघरिया और जादवपुर सहित कई रेलवे स्टेशनों पर भी हॉकर्स हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है। रविवार देर रात जादवपुर स्टेशन पर अतिक्रमण हटाने को लेकर तनाव की स्थिति बन गई थी। आरोप है कि विरोध करने पर रेलवे पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए।

हॉकर्स हटाने के विरोध में माकपा ने भी प्रदर्शन किया था। आरोप है कि कोलकाता पुलिस, रेलवे पुलिस और केंद्रीय बलों की कार्रवाई में एसएफआई के केंद्रीय महासचिव सृजन भट्टाचार्य समेत कई लोग घायल हुए और 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

जादवपुर स्टेशन पर हॉकर्स हटाने का मामला अब कोलकाता हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। व्यापारियों ने ग्रीष्मकालीन अवकाश की विशेष पीठ में याचिका दायर कर मामले की जल्द सुनवाई की मांग की है। न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य ने मंगलवार को मामले की सुनवाई होने की जानकारी दी है।

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