श्रावस्ती के सोनवा थाना क्षेत्र स्थित एक मदरसे से छात्र के लापता होने का मामला सामने आया है। छात्र को गायब हुए 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं लग सका है। परिजनों ने मदरसा प्रबंधन पर समय पर सूचना न देने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस छात्र की तलाश में जुटी हुई है। चौगौई गांव निवासी जमील अली का 18 वर्षीय बेटा सुहेल बीते चार वर्षों से अड़राई गांव स्थित मदरसा दारुल उलूम अल जामियातुल कादरिया में रहकर उर्दू की शिक्षा ग्रहण कर रहा था। परिजनों के अनुसार, 21 मई 2026 को वह अचानक मदरसे से लापता हो गया। घटना के 18 दिन बाद भी छात्र का कोई पता नहीं चल सका है, जिससे परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
परिजनों का आरोप है कि छात्र के गायब होने की जानकारी मदरसा प्रबंधन ने समय पर नहीं दी। उनका कहना है कि यदि उसी दिन सूचना मिल जाती तो तत्काल खोजबीन शुरू कर उसे तलाशने में मदद मिल सकती थी। सूचना मिलने में देरी के कारण अब काफी समय बीत चुका है और छात्र की तलाश और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। मदरसा संचालक अब्दुल कादिर के मुताबिक, 21 मई की रात सुहेल एक अन्य छात्र के साथ कहीं गया था। दूसरा छात्र कुछ समय बाद वापस लौट आया, लेकिन सुहेल नहीं लौटा। उन्होंने बताया कि मदरसा स्तर पर भी छात्र की खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। छात्र के पिता जमील अली, जो परिवार सहित मुंबई में रहकर मजदूरी करते हैं, ने 28 मई को सोनवा थाने में तहरीर देकर बेटे की सकुशल बरामदगी की मांग की है। परिवार का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि सुहेल कहां गया और किस परिस्थिति में लापता हुआ। पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ा सुहेल परिवार की उम्मीदों का केंद्र था। उससे छोटे भाई-बहन मुंबई में अपने माता-पिता के साथ रहते हैं। पिता एक होटल में काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पुलिस का कहना है कि छात्र की तलाश के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। संभावित स्थानों पर छानबीन की जा रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। हालांकि, घटना के 18 दिन बाद भी कोई ठोस सुराग न मिलने से परिजनों की चिंता और बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है।
श्रावस्ती में मदरसे से 18 दिन पहले लापता हुआ छात्र:अब तक नहीं मिला सुराग; परिजनों ने प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
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