गोरखपुर : दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ, राष्ट्रीय कला मंच एवं नैन सैन ब्यूटी एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में आज दिनांक 02 अप्रैल 2026 को दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ, गोरखपुर के सभागार में ‘समग्र जीवन कौशल एवं व्यक्तित्व विकास’ विषय पर एक दिवसीय “नारी निपुणताः ब्यूटीशियन प्रशिक्षण” कार्यशाला का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो. पूनम टंडन, माननीय कुलपति, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय रहीं। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में कौशल आधारित शिक्षा अत्यंत आवश्यक है, विशेषकर महिलाओं के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आत्मनिर्भरता के सशक्त माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने छात्राओं को अपने कौशल को निखारने एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कुलपति के उद्बोधन के पश्चात कार्यक्रम में विशेष आकर्षण रही नैन सैन ब्यूटी एकेडमी की चेयरपर्सन श्यामली जायसवाल, जिनके सशक्त नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण कार्यशाला महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रभावी मंच बनकर उभरी। उन्होंने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि एकेडमी का उद्देश्य महिलाओं एवं युवतियों को व्यावसायिक एवं व्यवहारिक कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उनके प्रयासों से अनेक छात्राएं स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित हो रही हैं और समाज में आत्मविश्वास के साथ अपनी पहचान स्थापित कर रही हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. सुषमा पाण्डेय, निदेशक, दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा कि व्यवहारिक कौशल व्यक्ति के समग्र विकास का आधार है तथा इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं के व्यक्तित्व निर्माण में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. सुनीता दुबे, अधिष्ठाता एवं अध्यक्ष, शिक्षा शास्त्र विभाग तथा डॉ. सत्या पाण्डेय, पूर्व महापौर, गोरखपुर उपस्थित रहीं। दोनों अतिथियों ने महिलाओं के सशक्तिकरण में कौशल विकास की भूमिका को रेखांकित करते हुए आयोजकों के प्रयासों की सराहना की।
इस कार्यशाला में विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न विभागों के साथ-साथ दिग्विजय नाथ पीजी कॉलेज, सेंट जोसफ वूमेन कॉलेज एवं सीआरडी पीजी कॉलेज सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रशिक्षण सत्र के दौरान विशेषज्ञों द्वारा ब्यूटीशियन से संबंधित आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागी छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक, छात्र, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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