बलरामपुर जनपद में 1 अप्रैल से 31 अप्रैल 2025 तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य मच्छरों से फैलने वाले संचारी रोगों की पहचान कर उनका त्वरित इलाज सुनिश्चित करना है। इस अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता संभावित मरीजों की पहचान कर उनकी जांच व उपचार की सूची बना रही हैं। अभियान की गुणवत्ता का जायजा लेने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) बलरामपुर डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने शनिवार को विकास खंड बलरामपुर के कलवारी गांव का दौरा किया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीएमओ डॉ. रस्तोगी ने संचारी रोगों से बचाव के लिए ‘सात का वार’ मंत्र अपनाने का सुझाव दिया। इस मंत्र में दिमागी बुखार से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण, घरों के आसपास साफ-सफाई, मच्छर से बचने के लिए पूरे कपड़े पहनना, स्वच्छ पेयजल का उपयोग, जल जमाव न होने देना, कुपोषित बच्चों का विशेष ध्यान रखना और व्यक्तिगत साफ-सफाई शामिल हैं। उन्होंने बताया कि दिमागी बुखार से बचाव के लिए पहला टीका 9 से 12 माह के बच्चे को और दूसरा टीका 16 से 24 माह के बच्चे को नियमित टीकाकरण के तहत लगवाना अनिवार्य है। सीएमओ ने जोर दिया कि इन व्यवहारों को अपनाकर संचारी रोगों से बचा जा सकता है। डॉ. रस्तोगी ने यह भी कहा कि बुखार होने पर बच्चों को बिना देरी के नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं, क्योंकि कोई भी बुखार दिमागी बुखार हो सकता है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को डेंगू, फाइलेरिया, मलेरिया, दिमागी बुखार, टीबी और कुष्ठ रोग के संभावित व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें जांच और इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजने के निर्देश दिए। साथ ही, लक्षणयुक्त व्यक्तियों का विवरण ई-कवच पोर्टल पर दर्ज करने को भी कहा। सीएमओ ने कलवारी पंचायत भवन में आयोजित ग्राम स्वास्थ्य पोषण एवं स्वच्छता दिवस का भी निरीक्षण किया। गांव में एंटी-लार्वा का छिड़काव भी किया गया। इस दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बलरामपुर डॉ. जावेद अख्तर, डीएमओ राजेश पाण्डेय, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा, नीलम तिवारी और जय प्रकाश पाण्डेय सहित गांव के अन्य लोग उपस्थित रहे।
बलरामपुर में संचारी रोग अभियान का जायजा:सीएमओ ने ‘सात का वार’ मंत्र अपनाने का दिया सुझाव
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