मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान ने शनिवार को इजरायल पर अब तक का सबसे घातक हमला किया है। इस हमले में 100 से ज्यादा इजरायली घायल हो गए हैं। ईरान ने इजरायल के दक्षिणी शहर डिमोना में मिसाइलों की बारिश करदी। ईरान ने जिस जगह पर हमला किया इसी जगह पर इजरायल की परमाणु साइट मौजूद हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि ईरान का यह हमला सीधे इजरायल की मुख्य परमाणु फैसिलिटी पर हमला है।
ईरान के सरकारी टीवी ने इजरायल पर किए गए हमले को ईरान के नतांज न्यूक्लियर एनरिचमेंट कॉम्प्लेक्स पर दिन में हुए हमले का जवाब बताया। इजरायल की इमरजेंसी सेवाओं के मुताबिक, देश के अराद इलाके में कम से कम 88 लोग घायल हुए, जिनमें 10 की हालत गंभीर है। साथ ही शहर के बीच में बहुत ज्यादा नुकसान होने की खबर है।
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डिमोना में 39 लोग घायल
वहीं, डिमोना में 39 लोग घायल हुए हैं। यहां कई रिहायशी इमारतें तबाह हो गईं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमलों पर बात करते हुए इसे इजरायल के लिए एक बड़ा हमला बताया। उन्होंने ईरान पर हमला जारी रखने की कसम खाई।
एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट, कोई फायदा नहीं
इजरायली सेना के मुताबिक हमलों के दौरान इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवेट हो गए थे, लेकिन कुछ मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने में नाकाम रहे। उन्होंने कहा, ‘डिमोना और अराद दोनों शहरों में इंटरसेप्टर लॉन्च किए गए जो खतरों को हिट करने में नाकाम रहे, जिसके परिणामस्वरूप सैकड़ों किलोग्राम वजन वाले वॉरहेड वाली बैलिस्टिक मिसाइलों ने सीधे हिट किया।’
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IAEA ने क्या कहा?
इस बीच इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने कहा कि उसे डिमोना में शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर को नुकसान का कोई संकेत नहीं मिला है। साथ ही इलाके में कोई असामान्य रेडिएशन स्तर नहीं मिला है। IAEA ने कहा कि वह स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है। एजेंसी ने दोनों देशों से आग्रह किया कि न्यूक्लियर फैसिलिटीज के आस-पास ज्यादा से ज्यादा मिलिट्री कंट्रोल रखा जाना चाहिए।
ईरानी सरकारी मीडिया के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी से अमेरिका-इजराइली हमलों में 1,500 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें 200 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं।
















