नई दिल्ली। असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा। चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। तीनों राज्यों की कुल 296 सीटों पर उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी।
असम की 126 सीटों के लिए 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। राज्य में लगभग 2.5 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें बड़ी संख्या में युवा पहली बार मतदान करेंगे। यहां बहुमत के लिए 64 सीटों की जरूरत है। मतदान के लिए 31 हजार से अधिक पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जिन पर वेबकास्टिंग के जरिए लाइव निगरानी की जाएगी।
केरल में 140 सीटों पर 890 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। यहां करीब 2.71 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। राज्य में त्रिकोणीय मुकाबला माना जा रहा है और सरकार बनाने के लिए 71 सीटों का बहुमत जरूरी है। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा और इसके लिए 30 हजार से अधिक मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं।
पुडुचेरी में 30 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, जिनमें पांच सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। यहां करीब 9.44 लाख मतदाता हैं और बहुमत का आंकड़ा 16 है। चुनाव के लिए 1,099 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। तीनों क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती के साथ संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। मतदान प्रक्रिया के लिए लाखों कर्मियों को तैनात किया गया है और ईवीएम व वीवीपैट मशीनों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलेट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। मतदान के बाद सभी ईवीएम को कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाएगा, जहां 24 घंटे निगरानी होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, तीनों राज्यों में मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतगणना 4 मई को होगी।











