श्रावस्ती जिले के गिलौला क्षेत्र स्थित कमलाभारी गांव में आयोजित श्री सतचंडी महायज्ञ और श्री रामकथा के तीसरे दिन शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। कार्यक्रम में दूर-दूर से आए भक्तों ने कथा श्रवण और यज्ञ में भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित किया। आयोजन समिति के प्रधान प्रतिनिधि अरुण कुमार शुक्ला, गिरीश तिवारी, बालेंद्र किशोर मिश्रा, शंकर शुक्ला, अनिल कुमार शुक्ला, रवि राज शुक्ला, सोनू शुक्ला, गुड्डू वर्मा, जग प्रसाद वर्मा, लालमन शुक्ला और अनुराग शुक्ला सहित अन्य ग्रामवासियों व क्षेत्रवासियों ने बताया कि यह धार्मिक आयोजन पिछले वर्षों की तरह इस बार भी आदिशक्ति मां दुर्गा, भगवान श्रीराम और श्री हनुमान जी महाराज की प्रेरणा से किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत एक कलश यात्रा कमलाभारी गांव से शुरू होकर सीताद्वार मंदिर तक पहुंची। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन-अर्चन और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ कलश यात्रा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। रामकथा में कथावाचक श्री रामजी दास महाराज, श्री राम ललन ओझा जी महाराज, राधे के शास्त्री जी महाराज और परम अध्यक्ष श्री विश्राम दास जी महाराज अयोध्या की गरिमामयी उपस्थिति रही। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के आदर्शों, धर्म और संस्कारों पर प्रकाश डाला गया, जिससे समाज को आध्यात्मिक चेतना और सद्भावना का संदेश मिला। इस दौरान वैदिक विधि-विधान से हवन-पूजन और पाठ का भी आयोजन किया गया। इसमें श्रद्धालुओं ने आहुति देकर अपने परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजकों ने बताया कि श्री रामकथा और इन धार्मिक अनुष्ठानों का मुख्य उद्देश्य लोगों को दुख, कष्ट और मानसिक वेदनाओं से मुक्ति दिलाना तथा समाज में धर्म और संस्कारों को मजबूत करना है। उन्होंने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील भी की।
श्रावस्ती के कमलाभारी में सतचंडी महायज्ञ:रामकथा के तीसरे दिन उमड़ा श्रद्धा और भक्ति का संगम
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