मीशो ने जुटाए 47,000 करोड़ रुपये

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News Desk
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बुधवार को यूबीएस की बाय कॉल के दम पर मीशो के शेयरों में आई ज़बरदस्त उछाल ने इसे 2025 का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला बड़ा आईपीओ बना दिया. शेयर सत्र में लगभग 20 फीसदी बढ़ा, जिससे इसका प्रॉफिट इश्यू प्राइस से लगभग 95 फीसदी तक पहुंच गया. ट्रेंडलाइन के आंकड़ों के अनुसार इस साल 5,000 करोड़ रुपये से अधिक जुटाने वाली कंपनियों में, ग्रोव का प्रदर्शन दूसरे नंबर पर सबसे अच्छा रहा, जो अपने ऑफर प्राइस से लगभग 43 फीसदी ऊपर है |

मीशो, जो लगभग 5,421 करोड़ रुपये जुटाने के बाद 10 दिसंबर को लिस्ट हुई थी, का वर्तमान मार्केट कैप 97,600 करोड़ रुपए या लगभग 11 अरब डॉलर है. प्राइस बैंड के ऊपरी सिरे पर, कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 50,100 करोड़ रुपए था. इसका मतलब है कि लिस्टिंग के बाद कंपनी ने निवेशकों की वैल्यू में लगभग 47,000 करोड़ रुपए का इजाफा किया है |

यह बढ़त मुख्य रूप से 162 रुपए के मजबूत शुरुआती भाव के कारण हुई, जो इश्यू प्राइस से 46 फीसदी से अधिक का प्रीमियम था. पहले दिन का क्लोजिंग प्राइस लगभग 170 रुपए था. हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि बड़े निवेशकों के निवेश के चलते ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध फ्री-फ्लोट सीमित है. इसका मतलब यह हो सकता है कि मांग की थोड़ी मात्रा या सप्लाई में कमी भी कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव ला सकती है. लॉक-इन शेयरों का पहला सेट अगले साल 6 जनवरी को खुलेगा |

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यूबीएस का अनुमान

यूबीएस ने इससे पहले कंपनी को ‘बाय’ रेटिंग और 220 रुपए के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू किया था, जिसमें कई लॉन्गटर्म ग्रोथ फैक्टर्स का हवाला दिया गया था. ब्रोकरेज ने कंपनी के एसेट-लाइट और नेगेटिव वर्किंग कैपिटल बिजनेस मॉडल पर प्रकाश डाला, जिसने इसे लगातार पॉजिटिव कैश फ्लो जेनरेट करने में मदद की है, जो कई अन्य इंटरनेट-बेस्ड कंपनियों से इसे अलग करता है. यूबीएस को उम्मीद है कि मीशो का नेट मर्चेंडाइज वैल्यू वित्त वर्ष 2025 और वित्त वर्ष 2030 के बीच लगभग 30 फीसदी की कंपाउंडिंग रेट से बढ़ेगा, जो ट्रांजेक्शन करने वाले यूजर्स में तीव्र वृद्धि और ऑर्डर की फ्रीक्वेंसी में ग्रोथ की वजह से देखने को मिलेगा. इसके अलावा, बढ़ते पैमाने के लाभों के चलते इसके कंट्रीब्यूशन मार्जिन और एडजस्टेड एबिटडा मार्जिन में भी सुधार देखा जा रहा है |

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दिग्गज कंपनियों को छोड़ा पीछे

  • इस वर्ष के अन्य बड़े आईपीओ में, ग्रोव अपने इश्यू प्राइसे से लगभग 43 फीसदी ऊपर है, और एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने अपने इश्यू प्राइस से लगभग 36 फीसदी की बढ़त हासिल की है. हालांकि हाल के हफ्तों में इसके शेयरों में थोड़ी धीमी गति देखी गई है |
  • हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज, जिसने इस साल की शुरुआत में 8,750 करोड़ रुपए जुटाए थे, अपने इश्यू प्राइस से 8 फीसदी से थोड़ा अधिक ऊपर है, जो ग्लोबल टेक खर्च संबंधी चिंताओं के बीच निवेशकों के अधिक सतर्क दृष्टिकोण को दर्शाता है |
  • एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज, लिस्टिंग के समय अच्छी बढ़त के बावजूद, अब अपने ऑफर प्राइस से केवल 3 फीसदी ऊपर है, क्योंकि निवेशक एनबीएफसी सेक्टर में वैल्यूएशन और ग्रोथ की संभावनाओं का आकलन कर रहे हैं |
  • लेंसकार्ट सॉल्यूशंस मुश्किल से ही टिक पा रहा है, जिसमें 1 फीसदी से भी कम की बढ़त है, जबकि टाटा कैपिटल में केवल 0.2 फीसदी की वृद्धि हुई है |
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क्यों बढ़ रही मीशो?

मीशो का बेहतर प्रदर्शन भारत के ई-कॉमर्स सेक्टर में बढ़ते वैल्यू का संकेत है. खासकर इसलिए क्योंकि कंपनी कम औसत ऑर्डर वैल्यू, हाई यूजर्स पार्टिसिपेशन और कॉस्ट पर कड़े कंट्रोल पर केंद्रित है. यूबीएस ने कहा कि मीशो द्वारा लॉजिस्टिक्स दक्षता का लाभ सेलर्स और यूजर्स को मिलने की संभावना है, जिससे एवरेज ऑर्डर वैल्यू और कम हो सकता है, लेकिन ओवरऑल इकोसिस्टम का विस्तार होगा और सेल्य वॉल्यूम में वृद्धि होगी |

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