
बस्ती जनपद के कप्तानगंज क्षेत्र के बहादुरपुर ब्लॉक स्थित अठदमा गांव में चंदों ताल की जल गुणवत्ता को लेकर केंद्र स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के निर्देश पर केंद्रीय भूजल बोर्ड, लखनऊ की एक वैज्ञानिक टीम ने रविवार को मौके पर पहुंचकर भूजल और सतही जल के नमूने एकत्र किए। लगभग 750 एकड़ में फैला चंदों ताल इस क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण जल स्रोत है। इसके आसपास दर्जनों गांव हैं, जिनकी बड़ी आबादी पेयजल के लिए हैंडपंप और अन्य स्थानीय जल स्रोतों पर निर्भर करती है। हाल ही में ग्रामीणों ने पानी की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त की थी, उनका आरोप है कि इसके उपयोग से त्वचा रोग, पेट संबंधी समस्याएं और अन्य जलजनित बीमारियां बढ़ी हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, इंदिरा चैरिटेबल सोसाइटी के सीईओ अजय कुमार पांडे ने प्रधानमंत्री कार्यालय के सीपीग्राम पोर्टल पर एक सुझाव पत्र भेजा था। उन्होंने चंदों ताल को निगरानी स्थल घोषित करने और आसपास के गांवों के भूजल की व्यापक जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद, पीएमओ ने केंद्रीय भूजल बोर्ड को वैज्ञानिक परीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। रविवार दोपहर को केंद्रीय भूजल बोर्ड की टीम अठदमा गांव पहुंची। वैज्ञानिकों ने इंडिया मार्का हैंडपंप से भूजल के नमूने एकत्र किए। इसके अतिरिक्त, फूलवरिया पांडेय सहित अन्य स्थानों से सतही जल के नमूने भी लिए गए। चंदों ताल के पानी का नमूना भी वैज्ञानिक मानकों के अनुसार सुरक्षित रूप से पैक करके परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। टीम ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में भी जानकारी जुटाई। वैज्ञानिकों ने बताया कि जल की वास्तविक गुणवत्ता रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। यदि परीक्षण में कोई हानिकारक तत्व पाए जाते हैं, तो संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।











































