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बस्ती के हर्रैया में चंद्रग्रहण के बाद 4 मार्च को हर्रैया तहसील क्षेत्र में होली का पर्व उत्साहपूर्वक मनाया गया। देर रात तक बाजारों में गुलाल, अबीर और मिठाइयों की खरीदारी जारी रही। रंगों से सजे बाजार और लोगों की चहल-पहल ने क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना दिया। इस बार होली पर जागरूकता का भी प्रभाव दिखा। रासायनिक रंगों के बजाय हर्बल गुलाल की मांग अधिक रही। एक स्थानीय दुकानदार के अनुसार, गुलाबी और पीले रंग के गुलाल को विशेष रूप से पसंद किया गया, क्योंकि लोगों ने सुरक्षित रंगों को प्राथमिकता दी। हर्रैया बाजार के अतिरिक्त कप्तानगंज, गौर, विक्रमजोत, दुबौलिया और परशुरामपुर क्षेत्रों में भी होली की धूम रही। इन सभी बाजारों में सुबह से लेकर देर रात तक ग्राहकों की भीड़ बनी रही। बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी वर्ग के लोग होली के रंगों में सराबोर दिखे। कई स्थानों पर दोस्तों ने एक-दूसरे को कंधों पर उठाकर खुशी मनाई, तो कहीं ढोल-नगाड़ों की थाप पर रंगों की बौछार की गई। रजौली गांव में युवाओं ने पारंपरिक अंदाज में होली खेलकर विशेष उत्साह प्रदर्शित किया। इस अवसर पर हिमांशु यादव, पीयूष मिश्रा और आदर्श ओझा ने क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण होली मनाने का संदेश दिया। उन्होंने त्योहार के दौरान संयम, स्वच्छता और भाईचारे का ध्यान रखने की अपील की। कुल मिलाकर, हर्रैया तहसील में इस वर्ष की होली रंग, खुशी और जागरूकता के साथ मनाई गई।










































