
हर्रैया तहसील क्षेत्र के महादेवरी में बुधवार को नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा का आयोजन मानव कल्याण के उद्देश्य से किया जा रहा है। कथा के प्रारंभ में गाजे-बाजे और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ एक विशाल कलश यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यह आयोजन बुधवार, 4 मार्च से शुरू होकर नौ दिनों तक चलेगा। कलश यात्रा महादेवरी गांव से प्रारंभ होकर बघौड़ा चौराहा, मदही ठुकवा होते हुए प्राचीन शिव मंदिर पिनेशर मनोरमा नदी के तट पर पहुंची। यात्रा में महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण किए हुए मंगलगीत गाती चल रही थीं। प्राचीन शिव मंदिर में विधि-विधान से देवी-देवताओं का पूजन कर कलश में पवित्र जल भरा गया। इसके बाद यज्ञ मंडप में आचार्या सुन्दर शुक्ल जी महाराज जी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन कराया गया और कलश स्थापना की गई। प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक कथा का वाचन किया जाएगा। कथा व्यास आचार्य सुन्दर शुक्ल महाराज जी (भगवताचार्य, श्री वृंदावन धाम) हैं। आचार्य सुन्दर शुक्ल महाराज जी ने अपने प्रवचन में कहा कि जो व्यक्ति पूर्ण मनोयोग और श्रद्धा से श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करता है, उसे जन्म-जन्मांतरों के पापों से मुक्ति और अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभु श्रीराम की कृपा ऐसे भक्तों पर सदैव बनी रहती है। आचार्य ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कथा में सम्मिलित होकर धर्म लाभ लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर तारक नारायण शुक्ल मुख्य यजमान रहे। प्रमुख यजमानों में संजु शुक्ल, गोतम शुक्ल, वेद प्रकाश शुक्ल, ओम शुक्ल, अंश शुक्ल और यश शुक्ल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।












































