बहादुरपुर में बच्चों ने खेली होली:गंगा-जमुनी तहजीब दिखी, सफेद कुर्ते बने पहली पसंद

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बहादुरपुर में बुधवार तड़के सुबह से ही होली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। क्षेत्र के कई गांवों में लोग रंग, अबीर और गुलाल से सराबोर दिखे, जहां उन्होंने आपसी बैर भुलाकर एक-दूसरे को रंगों से सराबोर किया। बहादुरपुर ब्लॉक के अक्सड़ा, अमिलहा, कुसौरा, कलवारी, अगौना, डेईडीहा, गौसपुर, चमनगंज, सैफ़ाबाद और मुस्तफाबाद सहित अनेक गांवों में होली का उत्साह चरम पर था। सुबह से ही लोग टोलियों में निकलकर एक-दूसरे के घर जाकर बधाई दे रहे थे। होली के पर्व पर लोगों ने सबसे पहले जलते हुए सम्मत (होलिका दहन के अवशेष) में गेहूं, तीसी और सरसों की बालियां जलाईं। इस दौरान आपसी प्रेम, सुख-शांति और भाईचारे के लिए प्रार्थना की गई। युवा वर्ग ने इस उत्सव में विशेष उत्साह दिखाया। उन्होंने एक-दूसरे को रंगों से सराबोर करते हुए “बुरा न मानो होली है” कहकर होली की शुभकामनाएं दीं। अक्सड़ा गांव में सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली। रमेश राजभर, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद आमिर, रत्नेश और गुलाम मोहम्मद जैसे लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर गंगा-जमुनी तहजीब का प्रदर्शन किया। स्थानीय दुकानदार अनिल ने बताया कि इस वर्ष रंगों की तुलना में अबीर और गुलाल की खरीदारी अधिक हुई है। इसके साथ ही, सफेद रंग के कुर्ते लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं, जिनकी मांग में काफी वृद्धि दर्ज की गई है।
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