
लालगंज थाना क्षेत्र में रसोई गैस की किल्लत बढ़ गई है। उपभोक्ताओं को 915 रुपये का गैस सिलेंडर 1200 रुपये में खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। यह स्थिति पिछले चार दिनों से बनी हुई है। इस किल्लत के मुख्य कारणों में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण जारी युद्ध और उज्ज्वला योजना के तहत होली पर मिलने वाली सब्सिडी शामिल है। सब्सिडी के कारण मांग में अचानक वृद्धि हुई है। क्षेत्रीय गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। अपनी बारी का इंतजार करने के बाद भी अधिकांश लोगों को बिना सिलेंडर के वापस लौटना पड़ रहा है। बनकटी विकास खंड के महादेवा, बारीघाट (लालगंज) और सिसवा (खोरिया) सहित कई गैस एजेंसियों पर यह किल्लत बनी हुई है। जैसे ही गैस आपूर्ति वाहन एजेंसियों पर पहुंचते हैं, उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग जाती हैं और देखते ही देखते स्टॉक खत्म हो जाता है। मां गौरी एचपी गैस वितरण केंद्र महादेवा के प्रबंधक विकास सिंह ने बताया कि उन्हें प्रतिदिन 450 रिफिल सिलेंडर की आपूर्ति मिल रही है, जिसका तत्काल वितरण कर दिया जाता है। उन्होंने स्वीकार किया कि उज्ज्वला योजना के तहत होली पर मिलने वाली सब्सिडी के कारण खपत में वृद्धि हुई है। सिंह के अनुसार, लाइन में खड़े उपभोक्ताओं से ओटीपी प्राप्त कर नियमानुसार घरेलू गैस सिलेंडर का वितरण किया जा रहा है। हालांकि, ग्राहक सेवा केंद्रों को फिलहाल गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं दी जा रही है। कई उपभोक्ताओं ने अपनी परेशानी साझा की। दिलीप चौधरी, राजेश शुक्ला, बबलू मौर्या, साधु शरण, विशाल, राजीव तिवारी और मनोज अग्रहरी जैसे उपभोक्ताओं ने बताया कि लंबी कतारों में लगने के बावजूद उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल पाया। इन उपभोक्ताओं को मजबूरन खुले बाजार से सिलेंडर खरीदना पड़ा, जिसके लिए उन्हें निर्धारित मूल्य से 300 रुपये अधिक चुकाने पड़े।












































