
बस्ती जनपद के महादेवा विधानसभा क्षेत्र के गोनार गांव में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था जर्जर स्थिति में है। यहां वर्षों से पक्के बिजली के खंभों का अभाव है, जिसके कारण ग्रामीण लकड़ी के खंभों और बांस-बल्लियों के सहारे बिजली के तार खींचने को मजबूर हैं। यह स्थिति ग्रामीणों के लिए लगातार खतरा बनी हुई है।गोनार गांव के हरिओम यादव, राजित यादव, राम प्रकाश यादव, राम दरश यादव, हृदयराम, राजदेव, जितेंद्र कुमार, विजयकांत और किशन निषाद सहित दर्जनों ग्रामीणों ने इस समस्या पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि लकड़ी के खंभे सड़ चुके हैं और कभी भी गिर सकते हैं। बरसात के मौसम में तारों में करंट उतरने का खतरा और भी बढ़ जाता है, जिससे किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है।इस गंभीर मामले को देखते हुए महादेवा विधायक दूधराम ने हस्तक्षेप किया है। उन्होंने पूर्वांचल विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को एक औपचारिक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने गांव की खराब बिजली व्यवस्था से अवगत कराया है।विधायक ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि रामजीत के घर से राजित के घर तक और लाल जी के घर से श्याम सुंदर के घर तक बिजली के खंभे नहीं हैं। वर्तमान में कई बिजली कनेक्शन इन्हीं जर्जर लकड़ी के खंभों के सहारे चल रहे हैं, जो सुरक्षा की दृष्टि से बेहद खतरनाक हैं।विधायक दूधराम ने विभाग से अपील की है कि उक्त स्थलों का तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए। उन्होंने जल्द से जल्द लोहे या कंक्रीट के बिजली के खंभे लगवाकर बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।ग्रामीणों को उम्मीद है कि विधायक के इस कदम के बाद विद्युत विभाग इस समस्या पर ध्यान देगा और गांव में सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।






































