कंजौरा में भागवत कथा का दूसरा दिन:संत श्याम जी महाराज ने बताया माता-पिता की सेवा का महत्व

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रखौना क्षेत्र के कंजौरा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन संत श्याम जी महाराज ने मानव जीवन की सार्थकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण के महत्व की व्याख्या करते हुए माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ी सेवा बताया। कथा व्यास संत श्याम जी महाराज ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन का वास्तविक उद्देश्य क्या है, यह समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि माता-पिता की निस्वार्थ सेवा ही व्यक्ति को परम सुख और संतोष प्रदान करती है। इस अवसर पर आचार्य प्रेम नारायण मणि त्रिपाठी, पंडित सुंदरम मिश्र, पंडित अभय शुक्ल, राजेश राजपत मिश्रा और अवनीश मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, अशोक मिश्रा, ओमकार मिश्रा, अरुण मिश्र, अर्जुन, अमित, आदित्य, अनिल, राजीव, आशीष पाण्डेय, बलिराम, दयाराम यादव, रामनयन यादव, अभिषेक, रोशन, नीलेश समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण भक्तगणों ने कथा का श्रवण किया।
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