श्रीराम कथा महोत्सव में शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का वर्णन:बहादुरपुर में महंत ने सुनाया लोक कल्याण का महत्व

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बहादुरपुर ब्लॉक के गोयरी सम्मय माता मंदिर में चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव के चौथे दिन शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का वर्णन किया गया। मानस के रसिक प्रवक्ता नागा महंत गिरजेश दास महाराज ने श्रद्धालुओं को यह कथा सुनाई। महाराज ने शिवजी के वैराग्य, मां पार्वती की प्रेम परीक्षा और शिव-पार्वती विवाह के प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती का विवाह लोक कल्याण के लिए हुआ था। कथावाचक ने शिव बारात का भी जीवंत चित्रण किया, जिसमें देवी-देवताओं के साथ प्रेत गण भी शामिल थे। शिवजी नंदी पर सवार होकर चल रहे थे और चारों ओर हर्षोल्लास का माहौल था। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य यजमान शिव पूजन गौड़ और उनकी धर्मपत्नी गेना देवी सहित गीता, सीमा, रानी, पूजा, कीर्ति, रीता, शीला, विवेक पाठक, श्रीराम गौड़, आशाराम पाल, अंकित शुक्ला, उत्कर्ष तिवारी और सोनू विश्वकर्मा समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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