
बस्ती जिले के बढ़नी मिश्र में चल रही वशिष्ठ रामायण कथा के आठवें दिन एक विशेष घटना हुई। कथा समाप्त होने के बाद जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अपने श्रद्धालु शिवबक्श प्रसाद मिश्रा के आवास पर पहुंचकर पूरे परिवार को आशीर्वाद दिया। गुरुदेव के अचानक घर पहुंचने से परिवार में खुशी का माहौल बन गया। परिवारजनों ने उनके चरण स्पर्श कर स्वागत किया और दर्शन का लाभ उठाया। जगद्गुरु ने परिवार की सुख-समृद्धि, संतानों की उन्नति और घर में धर्म एवं संस्कार की ज्योति सदैव प्रज्वलित रहने का आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जहां श्रद्धा और भक्ति का भाव होता है, वहां ईश्वर की कृपा स्वतः बनी रहती है। इस दौरान परिवार के मुखिया शिवबक्श प्रसाद मिश्रा, उनकी पत्नी कुसुम लता मिश्रा और उनकी चार बेटियां दीपमाला, रजत लता, प्रियंका तथा श्रेया उपस्थित थीं। उनके दामाद कृष्ण किशोर त्रिपाठी, मुकुल मिश्रा, सौरभ शुक्ला, भतीजे अविनाश मिश्र (सनी), वैभव मिश्र, जयंत, शुभम मिश्र, राजन मिश्र, शिवम् मिश्र, प्रांशु मिश्र और नाती विभोर पाठक, शिखर तिवारी, देवांश मिश्रा भी मौजूद रहे। परिवार के अन्य सदस्य जैसे अशोक मिश्रा, हरि प्रसाद (नंदू) मिश्रा, चंद्रभूषण मिश्रा, शीतला प्रसाद और देवी प्रसाद सहित कई परिजन भी गुरुदेव के दर्शन के लिए उपस्थित थे। परिवार ने गुरुदेव के इस स्नेहपूर्ण आगमन को अपने जीवन का सौभाग्यपूर्ण क्षण बताया। इस दौरान घर का वातावरण देर तक भक्तिमय और आनंदमय बना रहा।







































