दरोगा अजय गोंड की डूबने से हुई थी मौत:बस्ती में डायटम रिपोर्ट में पुष्टि, DIG बोले- खुद कूदे थे, मछुआरों ने छलांग लगाते देखा था

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यूपी के बस्ती में तैनात सीनियर दरोगा अजय कुमार की डायटम रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में उनकी मौत पानी में डूबने से बताई गई है। पुलिस का कहना है कि दरोगा अजय कुमार ने खुद ही नदी में छलांग लगाई थी। DIG संजीव त्यागी ने बताया- कुछ मछुआरों ने दरोगा अजय कुमार को नदी में कूदते हुए देखा था। हालांकि पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति से पूछताछ के आधार पर जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा होने की संभावना है। बता दें कि 5 फरवरी की शाम को परशुरामपुर थाने में तैनात दरोगा लापता हो गए थे। तीन दिन बाद उनकी लाश अयोध्या में सरयू नदी में मिली थी। लाश मिलने के दो दिन पहले उनकी बाइक कुआनो नदी के पास मिली थी। दरोगा की लाश मिलने के बाद एडीएम भाई ने हत्या की आशंका जताई थी। उन्होंने पुलिसवालों पर भी गुमशुदगी के बाद खोजने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। पुलिस ने बस्ती से अयोध्या तक हाईवे पर लगे 100 सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। जिनमें से एक फुटेज में इंस्पेक्टर की बाइक को एक व्यक्ति लाते हुए दिख रहा था। हालांकि, हेलमेट की वजह से उसका चेहरा सामने नहीं आ सका है। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब जानिए क्या है पूरा मामला… बस्ती जिले के परशुरामपुर थाने में तैनात सीनियर दरोगा अजय कुमार गोंड का शव 8 फरवरी को अयोध्या की सरयू नदी में मिला था। अजय पत्नी और 2 बच्चों के साथ बस्ती में रहते थे। ड्यूटी के दौरान 5 फरवरी की शाम थाने से निकले थे। इसके बाद से उनका कुछ पता नहीं चला। लापता होने के अगले दिन 6 फरवरी को दरोगा की बाइक बस्ती के कुआनो नदी के पास मिली थी। दरोगा अजय आखिरी बार एक सीसीटीवी फुटेज में सफाईकर्मी के साथ बाइक पर जाते हुए दिखे थे। दरोगा की पत्नी रंजीता गोंड ने बताया- अजय 5 फरवरी को सुबह चाय-नाश्ता करके थाने के लिए निकले थे। परशुरामपुर थानाध्यक्ष विश्व मोहन राय के अवकाश पर जाने के बाद पति के पास ही थाने का प्रभार था। उन्होंने दोपहर साढ़े 3 बजे मुझसे बात की थी। थाने के सिपाहियों के मुताबिक, शाम करीब 5 बजे दरोगा अजय थाने में तैनात सफाईकर्मी के साथ बाइक से कहीं निकले थे। थाने से बाहर जाते हुए उनका एक वीडियो भी सामने आया है। पत्नी ने रात 8 से 9 बजे के बीच उन्होंने कॉल किया, लेकिन फोन बंद मिला था। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। 6 फरवरी को दरोगा अजय की बाइक मिलने के बाद पुलिस को उनके डूबने की आशंका थी। इसको देखते हुए पुलिस ने SDRF गोरखपुर की टीम के साथ कुआनो नदी में लगातार 3 दिन तक सर्च अभियान चलाया। अमहट घाट से भद्रेश्वरनाथ तक करीब 2 किमी क्षेत्र में मोटर बोट से 8 राउंड सर्च किया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 8 फरवरी की शाम करीब 4 बजे अभियान रोक दिया गया था। सर्च अभियान बंद होने के करीब 3 घंटे बाद शाम 7 बजे सूचना मिली कि अयोध्या के दर्शननगर चौकी क्षेत्र अंतर्गत तिघुरा माझा गांव में सरयू नदी में एक शव देखा गया है। शव की पहचान दरोगा अजय गोंड के रूप में हुई। दरोगा की बाइक बस्ती जिले के कुआनो नदी के किनारे मिली। जबकि शव बाइक मिलने की लोकेशन से 75 किमी दूर अयोध्या जिले के बॉर्डर पर सरयू नदी में मिला। दोनों ही लोकेशन एक-दूसरे के उल्टा है। दोनों नदियां कहीं नहीं मिलती। बस यहीं से केस उलझ गया। पत्नी रंजीता और उनके ADM भाई ने इसे प्लांड मर्डर बताया है। हालांकि, हत्या का आरोप किसी पर नहीं लगाया है। लेकिन पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिवार का कहना है कि गुमशुदगी दर्ज कराने के तत्काल बाद पुलिस एक्शन लेती, तो शायद अजय जिंदा होते। बस्ती में थाना सस्पेंड करने और सीओ पर कार्रवाई के लिए एडीएम भाई अरुण कुमार और उनकी PCS भाभी ने सोमवार को धरना भी दिया था। सोमवार की देरशाम देवरिया में एसएसआई का अंतिम संस्कार किया गया। जानिए परिवार के लोगों ने क्या कहा… पत्नी रंजीता गोंड ने क्या कहा… मेरे पति एसएसआई अजय कुमार गोंड परशुरामपुर थाने में तैनात थे। 5 फरवरी की शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच लापता हो गए। अमहट घाट पर जो उनकी बाइक मिली, वह पुलिस को गुमराह करने के लिए वहां रखी गई। मुझे आशंका है कि मेरे पति को बंधक बनाया गया था। वह थाना क्षेत्र या उसके आसपास ही थे, क्योंकि वह कहीं और नहीं गए थे।इसी इलाके में उनके साथ किसी भरोसेमंद व्यक्ति ने धोखा किया है। सबसे दुखद बात यह है कि उनके लापता होने की जानकारी मुझे थाने की ओर से नहीं दी गई। अगले दिन सुबह 9 से 10 बजे जब मैंने उन्हें रोज की तरह फोन किया, तब मुझे पता चला कि वह तो पिछली शाम से ही गायब हैं। जब मैंने थाने के कर्मचारियों से पूछा कि उनकी लोकेशन या कॉल डिटेल क्यों नहीं निकाली गई, तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। दरोगा के छोटे भाई ADM अरुण कुमार ने कहा… मैं एसडीएम रह चुका हूं और वर्तमान में एडीएम हूं। इसके बावजूद मुझे कोई सहयोग नहीं मिला। मेरी मांग है कि पूरे थाने को सस्पेंड किया जाए। 4 लोगों के खिलाफ हत्या (धारा- 302) का मुकदमा दर्ज हो और हर्रैया के सीओ के खिलाफ कार्रवाई की जाए।सीओ ने मुझसे जिस तरह से बात की और मेरे भाई को जिस तरह से फंसाने की कोशिश की, उसे मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा। यह आत्महत्या नहीं, प्लांड मर्डर है। जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री तक जाऊंगा, यह बात नोट कर लीजिए। मुझे कप्तान से बात नहीं करनी। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, मैं यहां से नहीं जाऊंगा। मेरा भाई मरा है, आपका नहीं। मुझे दर्द है, बहुत दर्द है। पिता बोले- किडनैपिंग के बाद हत्या हुई… दरोगा अजय गोंड के पिता रामचंद्र प्रसाद ने बताया कि यह घटना 5 तारीख को शाम 6 बजे हुई थी। हमें इसकी जानकारी बहू रंजीता ने 6 तारीख को सुबह 10 बजे दी। अब तक यह साफ नहीं है कि पुलिस क्या कार्रवाई कर रही?हमे आशंका है कि वह परशुरामपुर थाने से अकेले बाइक पर अपने घर आ रहे थे। इसके कुछ दूर पहले उनकी किडनैपिंग हो गई और फिर हत्या की गई। पुलिस विभाग, सीओ और एसपी सभी इस मामले में लगातार संपर्क में थे। परिवार में छोटे भाई एडीएम, बड़े सुपरवाइजर देवरिया के मूड़ाडीह गांव के रहने वाले अजय गोंड 2016 बैच के दरोगा थे। उनकी शादी 2006 में रंजीता के साथ हुई थी। उनके 2 बेटे अमित राज और उत्कर्ष राज हैं। बड़ा बेटा कानपुर में पढ़ाई कर रहा, जबकि पत्नी और छोटा बेटा उनके साथ बस्ती के मिश्रौलिया मोहल्ले में किराए के मकान में रहते हैं। अजय के पिता भी रिटायर्ड दरोगा हैं। अजय 4 भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर थे। बड़े भाई दिलीप कुमार गोंड स्वास्थ्य विभाग में सुपरवाइजर पद पर कार्यरत हैं। छोटे भाई अरुण कुमार गोंड ADM हैं। उनकी बहन शशि प्रभा सरकारी टीचर हैं। शशिप्रभा की शादी फिक्स हो चुकी थी। परिवार के लोग शादी की तैयारियों में लगे थे। ————————————- ये खबर भी पढ़िए… दरोगा की डूबकर मौत तो फेफड़े में पानी क्यों नहीं:बस्ती में बाइक कुआनो नदी किनारे मिली, शव 75 km दूर सरयू में; उलझी पुलिस बस्ती में तैनात SSI अजय गोंड की मौत का राज गहराता जा रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और बाइक की लोकेशन से 75 किलोमीटर दूर अयोध्या बार्डर पर शव मिलने की वजह से पुलिस उलझ गई है। शव मिले तीन दिन हो गए लेकिन पुलिस अभी तक जांच की दिशा तय नहीं कर पा रही है कि ये मर्डर है या सुसाइड। दरअसल, दरोगा अजय गोंड 5 फरवरी से लापता थे। पत्नी रंजीता और उनके ADM भाई ने इसे प्लांड मर्डर बताया है। हालांकि, हत्या का आरोप किसी पर नहीं लगाया है। लेकिन पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। पढ़िए पूरी खबर…
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