गौर स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज न करने का आरोप:बुजुर्ग ने कहा- दवाई न मिलने पर निजी अस्पताल में कराया इलाज

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बस्ती जनपद के गौर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगे हैं। गौर गांव निवासी 70 वर्षीय मनीराम ने स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अपनी आपबीती सुनाई है। मनीराम ने बताया कि वह अपनी खराब तबीयत के कारण दवा लेने के लिए गौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। उस समय उनकी हालत बेहद गंभीर थी। मनीराम के अनुसार, जब वह डॉक्टर के पास पहुंचे तो उन्हें बाहर से दवा लाने को कहा गया। उन्होंने बताया कि उनकी स्थिति इतनी खराब थी कि वह चल नहीं पा रहे थे, न उनके पास पैसे थे और न ही वह कहीं जाने की स्थिति में थे। इसके बाद एक अन्य डॉक्टर ने भी उन्हें दूसरे कमरे से दवा लाने को कहा। मनीराम ने डॉक्टरों से भाप दिलवाने का अनुरोध किया, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल सके, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि वह घंटों तक बैठे रहे, लेकिन उनका इलाज नहीं हो सका। जब उन्हें लगा कि यहां इलाज संभव नहीं है, तब वह एक निजी अस्पताल गए, जहां उन्होंने भाप ली और अपना इलाज करवाया। इस पूरे मामले पर अनुसूचित मोर्चा के मंडल अध्यक्ष मनोज कुमार ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति बहुत खराब है और यहां मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी मरीज को ऐसी कठिनाई का सामना न करना पड़े। इस संदर्भ में जब स्वास्थ्य केंद्र गौर के अधीक्षक भास्कर यादव से बात की गई तो उन्होंने आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है और जो भी व्यक्ति स्वास्थ्य केंद्र पर आता है, उसका उपचार व इलाज होता है।
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