बस्ती में सड़क हादसे में युवक घायल:महुरैईया गांव में एंबुलेंस नहीं पहुंची, पुलिस ने घायल को पहुंचाया

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बस्ती जिले के कप्तानगंज ब्लॉक के महुरैईया गांव में शुक्रवार को एक सड़क हादसे के बाद एंबुलेंस सेवा की कथित देरी पर सवाल उठे हैं। गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को समय पर एंबुलेंस न मिलने पर पुलिसकर्मियों ने अपनी पीआरबी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया। यह घटना शुक्रवार को हुई जब कुड़ी निवासी दिलीप, जो पेशे से रोड मजदूर हैं, अपनी बाइक से अजगर रोड पर चल रहे निर्माण कार्य के लिए जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दिलीप के सिर में गंभीर चोट आई और वे लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। हादसे के तुरंत बाद, आसपास मौजूद ग्रामीणों ने 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के लगभग एक घंटे बाद भी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची, जिससे लोगों में नाराजगी फैल गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पीआरबी संख्या 5178 मौके पर पहुंची। सब कमांडेंट हेड कांस्टेबल रवि प्रकाश गुप्ता, कमांडेंट हेड कांस्टेबल राजीव गौड़ और पायलट होमगार्ड रमेश चंद्र वर्मा ने बिना किसी देरी के घायल दिलीप की स्थिति का जायजा लिया। एंबुलेंस का इंतजार करने के बजाय, पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए दिलीप को अपनी पीआरबी गाड़ी से तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कप्तानगंज पहुंचाया। सीएचसी में डॉक्टरों ने दिलीप को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। ग्रामीण प्रकाश निषाद, राजेश निषाद, रामदीन और राकेश सहित अन्य लोगों ने एंबुलेंस सेवा की इस देरी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और व्यवस्था में सुधार की मांग की। इस घटना ने एक ओर एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस जवानों की संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना भी की जा रही है।
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