शनिवार को सर्राफा बाजार में एक बार फिर हलचल देखने को मिली है। सोने और चांदी की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है, जिसके बाद 18 कैरेट, 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के नए रेट जारी कर दिए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत, डॉलर की चाल और निवेशकों की मांग के कारण कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है।
नए अपडेट के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 10 ग्राम के लिए करीब 1.61 लाख से 1.63 लाख रुपये के आसपास बनी हुई है, जबकि 22 कैरेट सोना करीब 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं 18 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1.20 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज की गई है।
इसी तरह चांदी की कीमत भी निवेशकों की नजर में बनी हुई है और बाजार में इसका भाव करीब 2.85 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास चल रहा है।
शनिवार को जारी हुए सोने के ताजा रेट
आज के ताजा आंकड़ों के अनुसार सोने की कीमतों में मामूली गिरावट और स्थिरता का मिश्रण देखने को मिला है। भारत के प्रमुख शहरों में सोने के रेट लगभग एक समान स्तर पर बने हुए हैं।
आज के अनुमानित रेट इस प्रकार हैं
24 कैरेट सोना – लगभग 1,61,000 से 1,63,000 रुपये प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना – लगभग 1,47,000 से 1,48,000 रुपये प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट सोना – लगभग 1,20,000 से 1,21,000 रुपये प्रति 10 ग्राम
हालांकि अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के हिसाब से इन कीमतों में थोड़ा फर्क देखने को मिल सकता है। सोने की कीमतों पर टैक्स, जीएसटी और मेकिंग चार्ज का भी असर पड़ता है, इसलिए खरीदारी के समय अंतिम कीमत अलग हो सकती है।
चांदी की कीमत में भी हलचल
सोने के साथ-साथ चांदी के बाजार में भी हलचल देखने को मिली है। शनिवार को चांदी का भाव लगभग 285 रुपये प्रति ग्राम और करीब 2,85,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास दर्ज किया गया है।
चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में तेजी का मुख्य कारण औद्योगिक मांग और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और कई इंडस्ट्रियल सेक्टर में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है।
क्यों बदलते रहते हैं सोने-चांदी के रेट
सोने और चांदी की कीमतें कई कारकों से प्रभावित होती हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की कीमत और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां हैं।
जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मानते हैं। ऐसे समय में सोने की मांग बढ़ जाती है और कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। इसी तरह जब डॉलर मजबूत होता है तो सोने की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।
इसके अलावा केंद्रीय बैंकों की नीतियां, ब्याज दरों में बदलाव और भू-राजनीतिक तनाव भी सोने के बाजार को प्रभावित करते हैं।
अलग-अलग कैरेट के सोने में क्या होता है फर्क
सोना अलग-अलग कैरेट में उपलब्ध होता है और उसकी शुद्धता के आधार पर कीमत तय होती है।
24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है और इसमें लगभग 99.9 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर निवेश के लिए किया जाता है जैसे गोल्ड बार या गोल्ड कॉइन।
22 कैरेट सोने में लगभग 91.6 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है। इसमें थोड़ी मात्रा में अन्य धातुएं मिलाई जाती हैं ताकि ज्वेलरी मजबूत बन सके। भारत में ज्यादातर आभूषण 22 कैरेट सोने से बनाए जाते हैं।
18 कैरेट सोने में लगभग 75 प्रतिशत सोना होता है। यह ज्वेलरी डिजाइन और स्टाइलिश आभूषणों के लिए ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि इसमें मजबूती अधिक होती है।
शहरों के अनुसार सोने के भाव
देश के बड़े शहरों में सोने के रेट लगभग एक समान होते हैं, लेकिन फिर भी थोड़े बहुत अंतर देखने को मिलते हैं।
दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव करीब 16,127 रुपये प्रति ग्राम के आसपास देखा गया है, जबकि 22 कैरेट सोना लगभग 14,784 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर है। वहीं 18 कैरेट सोना लगभग 12,099 रुपये प्रति ग्राम के आसपास दर्ज किया गया है।
मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में भी लगभग यही रेट देखने को मिल रहे हैं।
निवेश के लिए क्या यह सही समय है
विशेषज्ञों का मानना है कि सोना लंबे समय के निवेश के लिए हमेशा एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है। हालांकि अल्पकालिक समय में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहता है।
यदि कोई व्यक्ति सोने में निवेश करना चाहता है तो उसे बाजार की चाल को समझकर धीरे-धीरे निवेश करना चाहिए। एकमुश्त बड़ी रकम लगाने की बजाय चरणबद्ध निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।
इसके अलावा आजकल डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्प भी उपलब्ध हैं, जिनमें बिना ज्वेलरी खरीदे भी सोने में निवेश किया जा सकता है।
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
सोना खरीदते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
सबसे पहले हमेशा हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की गारंटी देता है।
दूसरी बात यह है कि खरीदारी करते समय बिल जरूर लेना चाहिए। इससे भविष्य में बेचने या एक्सचेंज करने में आसानी होती है।
इसके अलावा मेकिंग चार्ज और जीएसटी की जानकारी पहले से लेना भी जरूरी है क्योंकि इससे सोने की अंतिम कीमत बढ़ जाती है।
आगे कैसा रह सकता है सोने का बाजार
आने वाले समय में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। वैश्विक आर्थिक हालात, ब्याज दरों में बदलाव और अंतरराष्ट्रीय तनाव जैसे कारक सोने की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है तो सोने की कीमतें आगे भी मजबूत रह सकती हैं। वहीं अगर डॉलर मजबूत होता है या ब्याज दरें बढ़ती हैं तो सोने पर दबाव भी देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष
शनिवार को गोल्ड और सिल्वर मार्केट में हलचल के बीच 18 कैरेट से लेकर 24 कैरेट तक सोने के नए रेट जारी कर दिए गए हैं। फिलहाल 24 कैरेट सोना करीब 1.61 से 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है, जबकि 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के भाव भी इसी के अनुसार तय हुए हैं।
निवेशकों और खरीदारों के लिए यह जरूरी है कि वे बाजार के ताजा रेट पर नजर रखें और सही समय पर खरीदारी का फैसला करें। सोना और चांदी दोनों ही लंबे समय में सुरक्षित निवेश माने जाते हैं, इसलिए इनकी मांग हमेशा बनी रहती है।
































