मिडिल ईस्ट जंग का भारत की रसोई पर असर: गैस सिलेंडर से लेकर दालों तक बढ़ सकते हैं दाम

30
मिडिल ईस्ट जंग का भारत की रसोई पर असर
Advertisement

मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे भीषण युद्ध की खबरें न केवल अंतरराष्ट्रीय राजनीति को गरमा रही हैं, बल्कि अब इसका सीधा असर भारत की रसोई और आम आदमी की जेब पर भी पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो एलपीजी गैस सिलेंडर, बाहर का खाना और जरूरी दालों की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद होने का खतरा

ईरान ने युद्ध के बीच ‘स्टेट ऑफ हॉर्मुज’ को बंद करने का ऐलान किया है, जो वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक बड़ी चेतावनी है। भारत अपनी कुल एलपीजी (LPG) सप्लाई का लगभग 80 से 85 प्रतिशत हिस्सा अरब देशों से आयात करता है, और यह सारा आयात इसी जलमार्ग के जरिए होता है। इस रास्ते के बंद होने से भारत में एलपीजी की आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिससे गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी की संभावना प्रबल हो गई है।

एलपीजी रिजर्व की कमी और विकल्पों की तलाश

भारत के पास कच्चे तेल की तरह एलपीजी का कोई बड़ा सुरक्षित भंडार (Reserve) मौजूद नहीं है। आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली किसी भी रुकावट का असर तुरंत बाजार की कीमतों पर पड़ेगा। यदि गैस सिलेंडर महंगे होते हैं, तो होटल और रेस्टोरेंट का खाना भी महंगा हो जाएगा, जिसका सीधा असर स्विगी और जोमैटो जैसे प्लेटफॉर्म्स से ऑर्डर करने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। सरकार फिलहाल इस संकट से निपटने के लिए उच्च स्तरीय बैठकें कर रही है और नए विकल्पों की तलाश में है।

कतर के फैसले से एलएनजी (LNG) संकट की आहट

दुनिया के पांचवें सबसे बड़े एलएनजी उत्पादक देश कतर ने ईरान के ड्रोन हमलों के बाद अपने प्रोडक्शन सेंटर्स पर रोक लगा दी है। कतर के इस कड़े एक्शन के बाद वैश्विक स्तर पर एलएनजी के उत्पादन में कमी आएगी। भारत के पास एलएनजी का भी कोई बड़ा रिजर्व नहीं है, इसलिए आने वाले दिनों में गैस आधारित उद्योगों और घरों में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।

दालों की कीमतों में भी हो सकती है बढ़ोतरी

युद्ध का असर केवल गैस तक सीमित नहीं है, बल्कि दालों की कीमतों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के चेयरमैन सुरेश अग्रवाल के अनुसार, यदि युद्ध जारी रहा तो मसूर और चना दाल की कीमतें बढ़ सकती हैं। भारत इन दालों का आयात ऑस्ट्रेलिया से करता है, जो अरब सागर के रास्ते भारत पहुँचती हैं। युद्ध के कारण समुद्री व्यापारिक मार्ग प्रभावित होने से इन दालों की लागत बढ़ सकती है।

Advertisement