LPG की कीमत बढ़ने के बाद पेट्रोल-डीजल पर मंडरा रहा खतरा? सामने आई सरकार की बड़ी जानकारी

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पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर राहत भरी खबर, फिलहाल बढ़ोतरी की संभावना नहीं

हाल ही में एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आम लोगों के बीच यह चिंता बढ़ गई थी कि कहीं पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी जल्द इजाफा न हो जाए। शुक्रवार देर रात सरकार की ओर से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद देशभर में यह चर्चा शुरू हो गई थी कि क्या आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल भी महंगे हो सकते हैं। हालांकि, सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है।

सरकार का कच्चे तेल के आयात पर फोकस

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार ने कच्चे तेल की आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए वैकल्पिक स्रोतों से आयात बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। सूत्रों का कहना है कि भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अलावा अन्य क्षेत्रों से कच्चे तेल के आयात में लगभग 10 प्रतिशत तक वृद्धि कर ली है। इस कदम का उद्देश्य देश में ईंधन की उपलब्धता को बनाए रखना और कीमतों में अचानक होने वाली बढ़ोतरी को रोकना है।

वैश्विक तनाव का ऊर्जा आपूर्ति पर असर

हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव ने ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। 28 फरवरी को Israel और United States ने Iran पर हमला किया था, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। इस घटना के बाद ईरान की सेना Islamic Revolutionary Guard Corps ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक Strait of Hormuz को बंद करने की घोषणा कर दी थी। यह मार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन इसी रास्ते से होता है।

भारत की ऊर्जा जरूरतों पर प्रभाव

रिपोर्ट्स के मुताबिक खाड़ी देशों से आने वाले कच्चे तेल की सप्लाई कुछ समय के लिए प्रभावित हुई है। इसके साथ ही एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। वर्ष 2025 में भारत ने करीब 25 मिलियन टन एलएनजी का आयात किया था, जिसमें लगभग 14 मिलियन टन गैस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से आई थी। भारत के अलावा China, Japan और South Korea जैसे देश भी दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी आयातकों में शामिल हैं।

ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सरकार की तैयारी

सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि देश में ऊर्जा भंडार की स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो रही है। हालांकि एलपीजी की आपूर्ति को लेकर सरकार कुछ हद तक चिंतित जरूर है। इसी बीच Qatar ने भारत को भरोसा दिलाया है कि जैसे ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से खुल जाएगा, वह एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति सामान्य रूप से फिर शुरू कर देगा। अच्छी बात यह है कि हाल के दिनों में इस समुद्री मार्ग से कुछ कार्गो जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर मौजूदा परिस्थितियों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी की संभावना कम दिखाई दे रही है। सरकार वैकल्पिक स्रोतों से कच्चे तेल के आयात को बढ़ाकर ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित रखने की कोशिश कर रही है। अगर अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य रहते हैं, तो आम उपभोक्ताओं को फिलहाल ईंधन की कीमतों में किसी बड़ी बढ़ोतरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

डिस्क्लेमर:

यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार और सरकारी नीतियों के अनुसार समय-समय पर बदल सकती हैं। इसलिए किसी भी निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोतों से नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

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